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जाखड़ बोले- बादल का अवार्ड लौटाना मजबूरी में लिया फैसला, आम आदमी पार्टी ने बताया नाटक

Fri, 04 Dec 2020 12:36 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुनील जाखड़ । - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शिअद के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की ओर से पद्म विभूषण अवार्ड वापस करने के फैसले पर कहा है कि बेशक उन्होंने यह फैसला राजनीतिक मजबूरी और भूतकाल में अपनी पार्टी द्वारा इन काले कृषि कानूनों का साथ देने की बड़ी गलतियों पर पर्दा डालने की कोशिश के तौर पर लिया है फिर भी उनका यह फैसला स्वागत योग्य है। 

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जाखड़ ने कहा कि बादल के इस फैसले से किसानों के संघर्ष को और बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसका फायदा तभी है, अगर भाजपा की सरकार भी किसानों के मसले को गंभीरता से ले और सत्ता की मदहोशी का त्याग कर किसानों की मांगों का हल करे। जब इन काले कानूनों संबंधी अध्यादेश आए थे, तब यही अकाली दल और इसके नेता इन कानूनों को किसानों के लिए वरदान बता रहे थे। 


जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार का अड़ियल रवैया पूरे देश के विकास व संविधान के संघीय ढांचे के लिए खतरा है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार से आग्रह किया कि वे देशभर के किसानों, बुद्धिजीवियों का काले कृषि कानूनों के प्रति रोष को समझे और किसानों की मांगों का हल कर इन कानूनों को वापस लिया जाए।

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बादल अवार्ड वापसी का कर रहे ढोंग : चीमा

आप नेता और नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की ओर से पद्म विभूषण अवार्ड वापस करने पर कहा कि यदि वह एनडीए का हिस्सा होते हुए कृषि कानूनों को बनने ही न देते तो आज यह दिन न देखना पड़ता।

उन्होंने कहा कि जब बादलों के पास मोदी सरकार को घातक कृषि कानून बनाने से रोकने की ताकत थी, उस समय इस परिवार ने हरसिमरत कौर बादल की कुर्सी के लिए पंजाब और पंजाब के किसानों के हितों को गिरवी रख दिया।

चीमा ने जहां काले कृषि कानूनों के विरुद्ध खिलाड़ियों, लेखकों और अन्य हस्तियों की ओर से अवार्ड वापस करने की मुहिम का स्वागत किया। वहीं प्रकाश सिंह बादल की ओर से अवार्ड वापस करने को नाटक करार दिया। चीमा ने कहा कि मोदी सरकार का हिस्सा होते हुए प्रकाश सिंह बादल समेत पूरे बादल परिवार ने इन घातक कृषि बिलों को बहुत अच्छा बताकर पंजाब और देशभर के किसानों को गुमराह करने की पूरी कोशिश की थी। 

बादल का पद्म विभूषण लौटाना, देरी से उठाया मामूली कदम : रंधावा
पंजाब के कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा पद्म विभूषण अवार्ड वापस करने के फैसले को बहुत देर से उठाया मामूली कदम करार दिया है। रंधावा ने कहा कि बेहतर होता कि बादल परिवार और अकाली दल अवार्ड वापस करने की अपेक्षा कानून वापस करवाने के लिए प्रयत्न करते। उन्होंने मांग की है कि बादल परिवार को अध्यादेश लाने की हिमायत करने के बदले किसानों से माफी मांगनी चाहिए। 
शिअद किसान आंदोलन का राजनीतिकरण कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल किसानों के इस आंदोलन को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। उनका पद्म विभूषण सम्मान लौटाना पाखंड है। उन्होंने यह सम्मान सूबे में शिअद की खिसकती जमीन को देखते हुए मजबूरी में लौटाना पड़ा। - विजय इंदर सिंगला, शिक्षा मंत्री, पंजाब।
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