1.35 लाख किसानों ने मुआवजा मांगा
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षतिपूर्ति पोटल पर 22 अगस्त तक 4,475 गांवों के 1,35,541 किसानों ने मुआवजे के लिए अपना दावा अपलोड किया है। किसानों ने कुल 6,61,644 एकड़ फसल में नुकसान होने का दावा किया। पोर्टल में 333 पशुओं की हानि होने के दावे दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा राज्य में 109 वाणिज्यिक इकाइयों की क्षति के अलावा बाढ़ के कारण कुल 5,380 घरों के क्षतिग्रस्त होने का दावा किया गया है। वेरीफिकेशन के बाद 15 सितंबर तक इन सभी की मुआवजा राशि बैंक खाते में पहुंच जाएगी।
विधानसभा पटल में रखी रेत निकालने की नीति
दुष्यंत चौटाला ने बाढ़ के पानी के साथ खेत में आई रेत को निकालने के लिए नई नीति सदन में रखी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत नीति के अनुसार एक से तीन ईंच तक रेत निकालने पर सारा पैसा किसान को, तीन ईंच से दो फुट तक रेत निकालने पर किसान को कम से कम 20 हजार रुपये या 20 प्रतिशत राशि किसान, 40 प्रतिशत राशि पंचायत व 40 प्रतिशत राशि खनन विभाग को मिलेगी। 2 फुट से अधिक रेत निकालने पर किसान को 15 प्रतिशत राशि, ग्राम पंचायत व खनन विभाग को 42.5 प्रतिशत के हिसाब से रेत की कीमत दी जाएगी। रेत 200 रुपये प्रति टन की दर से बेची जाएगी।
अभय फिर कर गए वॉकआउट
इनेलो विधायक अभय चौटाला व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता के बीच में पिछले विधानसभा सत्र से चल रही तल्खी इस बार भी कम नहीं हुई। शुक्रवार को अभय चौटाला इस बात पर अड़े थे कि वे जो सवाल पूछेंगे, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में डिप्टी सीएम उसका जवाब दें। जबकि डिप्टी स्पीकर उन्हें केवल सवाल पूछने की बात कह रहे थे। इसके बाद जब डिप्टी सीएम जवाब दे रहे थे तब तक डिप्टी स्पीकर उठकर चले गए और स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता सीट पर आ गए। डिप्टी सीएम के जवाब देते हुए बीच में ही अभय के बोलने पर स्पीकर ने टोका। इस पर अभय ने कहा कि मैंने आपको ईमेल किया है। इस पर स्पीकर ने कहा कि आपकी मेल का जवाब दिया जाएगा, आप बैठ जाइए। इस पर दोनों में खूब बहस हुई और अंत में अभय चौटाला बोले आपको मेरे खड़े होने से ही परेशानी हो जाती है। आप बैठें हैं तो मैं वॉकआउट कर रहा हूं।