अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य ने कहा कि बेरोजगारी के मुद्दे पर झूठी बयानबाजी और घटिया राजनीति करने वाले नेताओं को श्रम और रोजगार मंत्रालय के आंकड़ों से करारा जवाब मिला है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021-2022 में बेरोजगारी दर 9 प्रतिशत बताई गई है जबकि विपक्षी नेता हरियाणा में कभी 30 तो कभी 36 प्रतिशत बेरोजगारी दर होने का दावा करते थे। इन आंकड़ों से यह भी साफ हो गया है कि कांग्रेस नेता जिस सीएमआईई एजेंसी का डेटा दिखाते थे, वह आंकड़े पूर्णत: आधारहीन हैं। उन्होंने कहा कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी प्राइवेट लिमिटेड सीएमआईई जैसा कि इसके नाम से स्वत: स्पष्ट है कि यह लाभ कमाने के लिए बनाई गई निजी स्वामित्व वाली कंपनी है। इसे निष्पक्ष और पूर्वाग्रह से मुक्त नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार रोजगार को लेकर काफी गंभीर है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस वर्ष 60 हजार नौकरियां देने की घोषणा की है, जिनमें से 41,217 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। अगर इस आंकड़े की पिछली सरकारों से तुलना करें तो पता चलेगा कि वर्ष 2005 से 2014 तक केवल 86,067 भर्तियां ही की गई थी। हरियाणा में पिछली सरकारों की अपेक्षा वर्तमान सरकार ने कहीं अधिक नौकरियां दी हैं। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत भी प्रदेश में 97,265 कर्मचारी काम कर रहे हैं।