ऑपरेशन ब्लू स्टार और उसके आसपास के घटनाक्रम को लेकर चल रही सियासत के बीच कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने भी एक पत्र जारी किया। यह पत्र सीनियर अकाली नेता बलवंत सिंह ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लिखा था।
खैरा ने कहा कि इस पत्र से साफ है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर उस समय के कई प्रमुख अकाली नेता केंद्र सरकार के साथ थे। बलवंत सिंह को पंथ का दिमाग कहा जाता था। अकाली दल की सियासत में वह अहम स्थान रखते थे।
उनका लिखा पत्र पूर्व आईएएस गुरतेज सिंह की किताब चक्रव्यूह में प्रकाशित हुआ था। बलवंत सिंह ने नौ जून-84 को लिखे पत्र में लिखा कि वह पंजाब में व्यवसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में लगे हैं।
नई इंडस्ट्रियल इकाइयां स्थापित करवाने को प्रयासरत हैं। उन्होंने कभी भी जरनैल सिंह भिंडरांवाला और उनके लोगों की हिमायत नहीं की और वह विरोध जारी रखेंगे।
बलवंत सिंह ने पत्र में स्वर्ण मंदिर में की गई कार्रवाई का भी समर्थन किया है। खैरा ने कहा कि उस समय के अकाली नेताओं की केंद्र सरकार के साथ मिलीभगत थी, ताकि अकालियों की सरकार चलती रहे।
ऑपरेशन ब्लू स्टार पर सवाल के जवाब में खैरा ने कहा कि सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं थी। दूसरे तरीकों से समस्या हल की जा सकती थी।