चंडीगढ़। प्रभु श्री राम जग पालक व सृष्टि के नियामक तत्व हैं, जो साकार रूप धारण कर अयोध्या में अवतरित होते हैं। निराकार परमात्मा धर्म की स्थापना के लिए साकार रूप धारण करता है। यह प्रवचन सेक्टर-34 के प्रदर्शनी ग्राउंड में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एवं श्री राम कृपा सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित हो रहे श्रीराम कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास साध्वी श्रेया भारती ने दिया। कथा का आयोजन दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एवं श्री राम कृपा सेवा ट्रस्ट की ओर से हो रहा है। कथा का समापन 29 नवंबर को होगा।
उन्होंने राम जी की गुरुकुल शिक्षा की ओर इंगित करते हुए कहा कि शिक्षा मानव के लिए अतिआवश्यक है। मात्र शिक्षा कभी भी पूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण नहीं कर सकती। उसके लिए हमें अपनी गुरुकुल की परिपाटी का पालन करते हुए शिक्षा के साथ साथ दीक्षा के समन्वय को अपनाना होगा। तभी मानव अपना पूर्ण विकास कर पाएगा। कथा के दौरान श्री रामचरितमानस की सुमधुर चौपाइयों के गायन भी होता रहा। कथा के बाद भगवान की भव्य आरती हुई। प्रभु की पावन आरती में शहर की कई मंदिर कमेटियों के पदाधिकारी पहुंचे। इस मौके पर भंडारा का आयोजन हुआ।
कथा के तीसरे दिन का शुभारंभ आईजीपी चंडीगढ़ पुष्पेंद्र कुमार, भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा, भाजपा जिला मोहाली के अध्यक्ष संजीव वशिष्ठ, स्वामी गुरुकृपानंद और स्वामी प्रकाशानंद ने प्रभु की पावन ज्योति को प्रज्वलित करके किया।