हरियाणा सरकार ग्रुप ए और बी अधिकारियों के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच 70 साल से कम उम्र के सेवानिवृत्त अफसरों को सौंपेगी। जांच अधिकारियों का सरकार से सूचीबद्ध होना जरूरी है। 15 मार्च 2022 तक 70 वर्ष की आयु पूरी न करने वाले अफसरों को ही सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों की जांच सौंपने का निर्णय लिया है।
मुख्य सचिव संजीव कौशल ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, चेयरमैन, मंडलायुक्तों, जिला उपायुक्तों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को पत्र जारी कर इस निर्णय की अनुपालन करने को कहा है। ताजा निर्देशों का पालन सभी संबंधितों विभागाध्यक्ष तब तक करेंगे, जब तक सरकार नए जांच अधिकारियों को सूचीबद्ध नहीं कर लेती।
कौशल ने बताया कि पैनल में शामिल जांच अधिकारियों के मानदेय की दर के साथ नियम एवं शर्तें तय की जा चुकी हैं। उन्हें सौंपी गई जांच के रिकॉर्ड के रखरखाव के संबंध में सरकार पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है। सरकार ने इस मामले में गंभीर विचार-विमर्श के बाद भ्रष्टाचार के मामलों की जांच 60 से 70 साल की उम्र के बीच के अधिकारियों से कराने का फैसला लिया है। सरकार ने सीबीआई के सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी सूचीबद्ध करने जा रही है।