चंडीगढ़। भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्याताओं एवं धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की सारी दुनिया में कोई दूसरी उदाहरण नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ही पूरे विश्व के कल्याण की कामना करती है न की किसी विशेष धर्म, प्रांत या जाति की।
यह बात चंडीगढ़ के पूर्व सांसद और भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने सेक्टर 56 में आयोजित दिव्य श्रीमद्भागवत कृष्ण कथा एवं गोपी गीत महायज्ञ में मुख्य अतिथि के रूप में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सोमवार को कही। इस मौके पर उन्होंने कथा व्यास स्वामी रसिक महाराज के पांव छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। रसिक जी महाराज ने शॉल पहनाकर जैन को आशीर्वाद दिया।
सत्यपाल जैन ने कहा कि रसिक महाराज जैसे संत, पीढ़ी दर पीढ़ी जनता में उस संदेश को आगे से आगे पहुंचाते रहते हैं। भारत के संत, साधु समाज, ऋृषि, महाऋृषि जैसी विभूतियों ने धार्मिक संस्कृति को कायम रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने कहा कि जब तक देश की संस्कृति, संत एवं साधु समाज तथा हमारी विरासत जीवित है तक तक इस देश की हस्ती को कोई खतरा नहीं हो सकता।