चंडीगढ़। गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच प्रशासन ने शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन बढ़ाने की योजना तैयार की है। अगले कुछ महीनों में एक लाख नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है ताकि लोगों को रसोई गैस की समस्या से राहत मिल सके। वर्तमान में शहर में करीब 3.08 लाख एलपीजी कनेक्शन हैं जबकि पीएनजी कनेक्शन की संख्या मात्र 22 हजार है, जो 2011 की जनगणना के अनुसार कुल आबादी का लगभग 2 प्रतिशत ही है। ऐसे में पीएनजी का दायरा बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता बन गया है।
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का कार्य इंडियन ऑयल अडानी गैस लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने अब तक शहर के करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र को कवर कर लिया है। इसके बावजूद पीएनजी अपनाने की रफ्तार धीमी बनी हुई है। इस पर चिंता जताते हुए डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पीएनजी सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है, जिसमें गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए अब डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और क्राफ्ड के सहयोग से लोगों को पीएनजी के फायदे बताए जाएंगे। साथ ही, मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दी जाएगी। अगले एक सप्ताह तक अलग-अलग सोसाइटी में प्रतिदिन कैंप लगाकर लोगों को एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार तेज कर जल्द से जल्द अधिकतम उपभोक्ताओं तक यह सुविधा पहुंचाई जाए।