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18 फीसदी स्टूडेंट्स ही ले पा रहे हैं ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुराधा शर्मा ने ऑनलाइन शिक्षा की पहुंच और उसकी उपयोगिता पर सर्वेक्षण किया। इस सर्वे में कई चौंकाने वाले आंकड़े आए हैं। 18 फीसदी स्टूडेंट्स ही हैं जो पूरी तरह से ऑनलाइन शिक्षा का लाभ उठा पा रहे हैं। उनके पास पर्याप्त संसाधन हैं जो ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ पा रहे हैं। इसके अलावा 72 फीसदी से अधिक विद्यार्थियों की अकादमिक गतिविधियां लॉकडाउन के कारण बाधित हुई हैं।
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डॉ. अनुराधा शर्मा ने यह सर्वे 20 से 26 आयु वर्ग के मध्य किया। इसमें 255 विद्यार्थियों का एक नमूना आकार के साथ अध्ययन किया गया। इस सर्वे में 71.1% महिलाओं और 28.9% पुरुषों को शामिल किया गया। एक प्रश्नावली के माध्यम से सर्वे आयोजित किया गया था जो विद्यार्थियों द्वारा शैक्षणिक सामग्री की पहुंच और उपयोगिता पर केंद्रित था। ऑनलाइन मोड में विज्ञान और गणित के 66.7% छात्रों को शामिल किया गया। इसके बाद शिक्षा विभाग के 24.5% छात्रों के अलावा मानविकी से 8.8% छात्रों को शामिल किया गया।
अध्ययन से पता चला कि 72.9% विद्यार्थियों ने कोविड-19 से हुए लॉकडाउन के दिनों में अकादमिक गतिविधियों को करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की और 68.8% ने कहा कि उनका शैक्षणिक प्रदर्शन खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी, सीमा सहित विभिन्न कारणों से प्रभावित है। अध्ययन सामग्री, मोबाइल उपकरणों सहित पूरे पाठ्यक्रम को पढ़ने में कठिनाई हुई। 18% छात्रों ने सहमति व्यक्त की कि वह ऑनलाइन मोड के माध्यम से पठन सामग्री तक पहुंचने में सक्षम हैं, जबकि शेष विद्यार्थियों ने कहा कि उनके पास केवल दो जीबी इंटरनेट की सुविधा है या वह सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे हैं या उनके पास इंटरनेट कनेक्टिविटी का मुद्दा है जो ऑनलाइन तक उनकी पहुंच को प्रभावित कर रहा है। कुछ छात्रों में तनाव भी बढ़ा है तो कुछ ऑनलाइन पढ़ाई की पहुंच न होने के कारण समय पास करने के लिए फिल्में आदि देखते हैं। डॉ. अनुराधा शर्मा ने कहा कि रिसर्च के जरिये बात सामने आई है कि शिक्षकों को पाठ्य योजना को छात्रों के समक्ष रखना चाहिए।
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