2018 में भी वित्त मंत्री ने दीवाली तक स्मार्टफोन बांट दिए जाने का एलान किया लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। इस साल 14 सितंबर को वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने दावा किया था कि इस बार दीवाली पर नौजवानों को स्मार्टफोन बांटकर सरकार अपना वादा पूरा कर देगी। वित्त मंत्री ने स्मार्टफोन खरीदने के लिए 130 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी और टेंडर जारी करने की बात भी कही थी लेकिन कुछ नहीं हुआ।
30 लाख नौजवानों ने भरे थे स्मार्टफोन के लिए फार्म
विधानसभा चुनाव के दौरान मुफ्त स्मार्टफोन के वादे के साथ ही कांग्रेस पार्टी ने राज्य में 30 लाख नौजवानों से फार्म भरवाए थे। इनमें पटियाला, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और बठिंडा जिलों में फार्म भरने वाले नौजवानों की संख्या सबसे ज्यादा थी। वादे के मुताबिक, नौजवानों को 4जी स्मार्टफोन के साथ एक साल के लिए मुफ्त इंटरनेट और कॉल सुविधा भी दी जानी है। लेकिन बाद में सरकार की ओर से कई शर्ते भी जोड़ दी गई, जिसके तहत मुफ्त स्मार्टफोन उन्हें ही दिए जाएंगे, जिन नौजवानों को परिवारों की सालाना आय 6 लाख रुपये से कम है और जिन नौजवानों के पास कोई स्मार्टफोन नहीं है। साथ ही, नौजवान 10वीं पास होना चाहिए।
ऐसा होगा स्मार्टफोन
संशोधित नोटिफिकेशन के क्लाज 5.0 के तहत, सरकार ने स्मार्टफोन और उसके नेटवर्क के न्यूनतम मापदंड भी तय कर दिए हैं। इसके अनुसार, स्मार्टफोन का आपरेटिंग सिस्टम एंड्रायड ओरियो 8.0 होगा और प्रोसेसर 1.2 गीगाहर्टज, रैम 2 जीबी, मैमोरी 16 जीबी (128 जीबी तक बढ़ाई जा सकेगी), स्मार्टफोन का डिसप्ले साइज 5.0 इंच और रेजोलुशन 1280 गुना 720 पिक्सल होगा। फ्रंट कैमरा 5 मेगा पिक्सल और रियर कैमरा 8 मेगा पिक्सल का होगा। यह स्मार्टफोन 4जी, 3जी और 2जी नेटवर्क को स्पोर्ट करेगा। इसकी बैटरी 2900 एमएएच की और स्मार्टफोन की वारंटी एक साल की होगी।