ओआरएस सिस्टम ड्यूटी व रोटेशन की तिथि से 7 दिन पहले ही सचेत (अलर्ट) कर देगा। अलर्ट में आएगा किस स्वयंसेवक की ड्यूटी समाप्त होने जा रही है। ड्यूटी के संबंध में एसएमएस और ईमेल के माध्यम से जानकारी स्वयंसेवकों को मुहैया करवाई जाएगी और यह जानकारी जिला कमांडेट को भी भेजेंगे। स्वयंसेवकों को जिला मुख्यालय या प्रशिक्षण केंद्रों पर अपनी ड्यूटी के बारे में रिपोर्ट करनी होगी। ऑनलाइन सिस्टम से ड्यूटी आवंटन में देरी नहीं होगी।
पहली बार सर्दी व गर्मी की वर्दी दी
गृह मंत्री को अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव अरोड़ा ने बताया कि होमगार्ड को पहली बार सर्दी व गर्मी की वर्दियां दी गईं, जिसमें जूते व जैकेट भी शामिल हैं। स्वयंसेवकों की मृत्यु होने पर परिवारजनों को दो लाख रुपये की सहायता राशि के प्रावधान के अलावा होमगार्ड को 788 रुपये प्रतिदिन दैनिक भत्ता दे रहे हैं। लगभग 40 एकड़ भूमि में संयुक्त प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने के लिए 35 करोड रुपये मंजूर किए हैं। अब ये परिवार पहचान पत्र योजना का हिस्सा भी हैं।