रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) की ओर से ऑनलाइन 108 नंबरों की ऑक्शन इस बार भी नहीं हो पाई है। इस बार भी फैंसी नंबरों से लोगों का रुझान कम हो गया है। आरएलए की ओर से यह ऑक्शनपिछले साल सितंबर में शुरू की गई थी। लेकिन सभी नंबरों के खरीदार नहीं मिल पाते हैं।
एक साल से चल रही ऑनलाइन ऑक्शन में फैंसी नंबरों पर बोली नहीं लग पाती है। इस कारण आरएलए ने यह नंबर रिजर्व प्राइस पर बेचता है। आरएलए कैप्टन करनैल सिंह ने बताया कि ऑक्शन अभी एक साल हुआ है। लोगाें की जागरूकता बढ़ रही है। जल्द ही लोगों का इस ओर रुझान बढे़गा। चंडीगढ़ में ऑनलाइन ऑक्शन के बाद लोगाें का रुझान कम हो गया है। ऑनलाइन ऑक्शन के माध्यम से आरएलए की कमाई 54 लाख पहुंचती है।
जबकि ऑफलाइन ऑक्शन में इसकी कुल कमाई 90 लाख होती थी। आरएलए की ओर से इसलिए शुरू किया गया है क्योंकि पहले बिना चंडीगढ़ के एड्रेस के लोग नंबर खरीदते थे। कई गड़बड़ियां सामने आने के बाद आरएल की ओर से यह ऑक्शन ऑनलाइन की गई है।