पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कांस्टेबल शिव कुमार की रिपोर्ट भी आला अफसरों तक पहुंच गई है। जल्द उसे भी निलंबित किया जा सकता है। आरोपी प्रवीण पर लड़ाई-झगड़े के दो मामले दर्ज हुए थे। पहले में वह भगोड़ा हो गया था, जिसके बाद पकड़ा गया था। सूत्रों के मुताबिक, प्रवीण की मर्सिडीज कार, डस्टर और ऑडी कार भी गायब बताई जा रही है। डस्टर गाड़ी में ही आरोपी एसआई नवीन फोगाट 1.01 करोड़ रुपये लेकर फरार हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, नवीन फोगाट और कांस्टेबल शिव कुमार इससे पहले साइबर सेल में इकट्ठे तैनान थे। पीएसओ के रूप में कार्यरत होने के बावजूद उसने अपनी ड्यूटी के अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर इस अपराध को अंजाम दिया है। मामले में आरोपी सर्वेश और एयरोसिटी निवासी जतिंदर की भी गिरफ्तारी होनी बाकी है। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मामले में सेक्टर-41 की बीट बॉक्स में तैनात रहे कांस्टेबल वरिंदर को बीते सोमवार को गिरफ्तार किया था। चार अगस्त को सेक्टर-40 में लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस दौरान नवीन फोगाट के साथ कांस्टेबल शिव कुमार और वरिंदर मौजूद थे।
प्रवीण मास्टरमाइंड, उसे संजय के कारोबार की थी पूरी जानकारी
बता दें कि सितंबर 2019 में बुड़ैल के राजबीर उर्फ सोनू शाह की कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई ने हत्या करवा दी थी। यह मामला काफी चर्चा में रहा था। आरोपी प्रवीण शाह सोनू शाह का भाई है। प्रवीण इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रवीण को शिकायतकर्ता संजय गोयल के व्यापार और पैसे की जानकारी मिली थी। इसके बाद उसने यह जानकारी अपने पीएसओ शिव कुमार से साझा की और शिव ने यह जानकारी नवीन फोगाट को दी, जो सेक्टर-39 थाने में अतिरिक्त थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत था।
इसके बाद फोगाट ने अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई और कहा कि वह संयज गोयल को उसके थाना क्षेत्र में लेकर आएं। इसके बाद संजय गोयल को 1.01 करोड़ रुपये के साथ सेक्टर-40 में बुलाया गया और योजन के मुताबिक फर्जी रेड कर पकड़ा गया और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे लूट लिए गए। मामले में शिव कुमार का रोल सामने आने के बाद जब पुलिस प्रवीण शाह के घर पहुंची तो पता लगा कि वह फरार हो गया है।
पांच प्रतिशत के मुनाफे पर तय हुई थी डील
शिकायतकर्ता संजय गोयल को सर्वेश ने कॉल किया था और 2000 के नोटों को 500-500 के नोट में बदलने को कहा था। एक करोड़ की रकम बदलने के लिए संजय को 5 प्रतिशत का मुनाफा देने की बात तय की गई थी। आरोपी जतिंदर, प्रवीण शाह की मर्सिडीज कार लेकर आया था। कार में अंकित गिल भी बैठा था।
दोनों मोहाली से संजय को लेकर सेक्टर-40 पहुंचे। अंकित ने खुद के पैसे बदलवाने की बात कही थी। अंकित ने गोयल को कहा कि वह पहले अपने नोट दिखाए क्योंकि उसे पहले भी कोई बेवकूफ बना चुका है। नगदी देखने के बाद आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को फर्जी रेड डालने के लिए मौके पर बुलाया था। सूत्रों के मुताबिक, प्रवीण शाह भी हीरी मंडी पहुंचा था लेकिन वह शिकायतकर्ता के सामने नहीं आया था।