हरियाणा के शिक्षा व संसदीय कार्य मंत्री रामबिलास शर्मा ने विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन वीरवार को घोषणा की कि हरियाणा सरकार आने वाले छह महीनों में अध्यापकों, पुलिस व अन्य श्रेणियों के लगभग एक लाख पदों को भरने के लिए योजना चलाएगी।
शर्मा ने सदन को अवगत कराया कि पिछली सरकार ने वर्ष 2010 और 2013 में भर्ती किये गए 1058 अध्यापकों के अनुभव व विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़ा व अनियमिताएं पाई गई थी और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इन्हें हटाने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने इन अध्यापकों की बायोमैट्रिक नमूने के मिलान के आदेश भी दिये थे, जो मेल नहीं खा रहे थे। रामबिलास शर्मा कांग्रेस के कुलदीप शर्मा व अन्य सदस्यों के सवाल का जवाब दे रहे थे।
कांग्रेसी सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता में आते ही पुलिस की भरती रद्द कर दी, जिससे लिखित परीक्षा दे चुके सैकड़ों युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया। शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में जल्दी ही भर्तियां खोलने की बात भी कही, लेकिन कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि जब प्रदेश में सारे भर्ती बोर्ड ही भंग हो चुके हैं तो नौकरियां कैसे दी जाएंगी। इस पर रामबिलास शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार एक लाख युवाओं को जल्द नौकरी देगी।