मोहाली के पीटीएल चौक पर मंगलवार सुबह करीब चार बजे एक छोटा हाथी (टैंपू) को बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार वेरका दूध से भरा ट्रक बेकाबू हो गया। ट्रक ने पहले टैंपू को अपनी चपेट में लिया। फिर सड़क की डिवाइडर पर लगी ग्रिल को तोड़ता हुआ दूसरी साइड फेज-5 की पार्किंग में जा घुसा।
इस दौरान ट्रक ने एक बूथ को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक की टक्कर लगते ही बूथ ध्वस्त हो गया। वहीं, बूथ के बरामदे में सो रहे दो रिक्शा चालक चपेट में आ गए। इस दौरान एक रिक्शा चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया गया।
हादसे में टैंपू चालक भी घायल हो गया, उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, फेज-1 थाने की तरफ से फेज-पांच और 3बी2 में दूध की सप्लाई के लिए वेरका का ट्रक आ रहा था। जब ट्रक पीटीएल लाइट प्वाइंट पर पहुंचा तो अचानक एक छोटा टैंपू डिप्लॉस्ट की तरफ से आ गया। टैंपू को बचाने के चक्कर में ट्रक ड्राइवर ने दूसरी दिशा में ट्रक घुमा दिया।
इसी बीच ट्रक अपना संतुलन खो बैठा और डिवाइर को तोड़ता हुआ सड़क के दूसरी साइड पार्किंग में बने बूथ से जा टकराया। हादसे में बूथ गिर गया। बूथ में सो रहे दो रिक्शा चालक उसकी चपेट में आ गए। राहगीर और पुलिस मौके पर पहुंचकर घायलों को निकालने की कोशिश की।
जेसीबी से बूथ को हटाया गया। हादसे में बड़माजरा निवासी रिक्शा चालक अमरजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीरबल गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वहीं, टैंपू चालक गौरव भी हादसे में घायल हो गया।
कुछ दिन पहले से यहां सोना शुरू किया था: दोनों व्यक्ति पहले सड़क के दूसरी साइड बने बस क्यू शेल्टर में रात के समय सोते थे। लेकिन, कुछ दिनों से मौसम खराब चल रहा था। इसके चलते वह दोनों ने बूथ में सोना शुरू किया था।
एक हॉकर की बच गई जान: जिस समय हादसा हुआ उस समय सेक्टर-91 की तरफ से एक अखबार का हॉकर एक्टिवा पर आ रहा था। सड़क पर आम के पेड़ से एक आम गिरा हुआ था। वह उसे उठाने के लिए वहीं रुक गया। इसी बीच यह हादसा हो गया। हॉकर के दोस्तों ने बताया कि अगर वह आगे निकला होता तो वह भी हादसे का शिकार हो सकता था।
बूथ मालिक का लाखों का नुकसान
उक्त बूथ करीब 2006 में गमाडा द्वारा दंगा पीड़ितों को अलॉट हुआ था। बूथ सैनी कम्युनिकेशन के नाम से चल रहा था। बूथ में सारा सामान था। उसमें एसी, कंप्यूटर, एलईडी जैसी तमाम सुविधाएं लगीं थीं। हादसे की सूचना पर बूथ मालिक भी वहां पहुंच गया। इस दौरान काफी समय तक नुकसान की भरपाई को लेकर वेरका व मालिक में बहस होती रही।
फ्रैंकों में घर में घुस गई थी कार
जानकारों के मुताबिक, कुछ साल पहले भी इस तरह का हादसा हुआ था। उस समय एक कॉल सेंटर की कार फ्रैंकों लाइट प्वाइंट के पास बेकाबू होकर दीवार तोड़कर घर में घुस गई थी।