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सेक्टर 8 के पार्क में घास हुई एक फुट, नहीं ले रहा कोई सुध

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चंडीगढ़। सेक्टर 8-बी की डिस्पेंसरी और सामुदायिक केंद्र के पीछे बनी ग्रीन बेल्ट खस्ताहाल है। इस बेल्ट में एक साल पहले पेड़ काटे गए थे पर उन्हें आज तक नहीं उठाया गया। ग्रीन बेल्ट तैयार करते समय इसमें नई लाइट के साथ ही चारों तरफ ग्रिल लगाई गई थी। अब इसकी स्थिति ऐसी है कि दो साल से इसकी कोई देखभाल नहीं की जा रही है। इस कारण यहां एक फुट तक घास हो गई है जिसे काटा नहीं जा रहा। इसके अलावा खराब हुई लाइटों को शिकायत करने के बाद भी ठीक नहीं किया जाता। इसके अलावा सेक्टर-8सी के डीएवी मॉडल स्कूल के साथ बने पार्क में तीन साल पहले बनाया ट्रैक अब ऊबड़-खाबड़ बन गया है।
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10 लाख की लागत से किया था तैयार
बहुत साल पहले लगभग 10 लाख रुपये की लागत से यह ग्रीन बेल्ट बनाई गई थी। तब यह देखने में बहुत ही सुंदर थी लेकिन अभी इसकी स्थिति ऐसी है कि यहां पर जंगली घास का कब्जा है। आज इसमें कोई भी सैर करना तक पसंद नहीं करता। इसकी देखभाल न होने से पक्के ट्रैक पर भी घास उग गई है। -रणविंदर सिंह गिल, प्रेसिडेंट आरडब्ल्यूए
समय पर नहीं उठ रहा कूड़ा
सेक्टर-8 में कुत्तों के साथ-साथ बंदरों की भी समस्या है। वे पार्कों में रखे डस्टबिन से कूड़ा बाहर फैला जाते हैं। इस कारण गंदगी फैली रहती है। यदि कूड़ा समय पर उठाया जाए तो इस समस्या से निपटा जा सकता है। कूड़ा समय पर न उठने के कारण वहां बदबू रहती है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। -सोहन लाल बंसल, जनरल सेक्रेटरी आरडब्ल्यूए
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सैर करने को बने ट्रैक की नहीं हो रही मरम्मत
नेबरहुड पार्कों में पानी के कनेक्शन न होने से पौधे सूख जाते हैं। आरडब्ल्यूए ने कुछ पौधे लगाए थे, लेकिन पानी न होने के कारण वे सूख गए। एक साल से ग्रीन बेल्ट में सूखे पेड़ गिरे पड़े हैं, उन पर घास उग चुकी है। तीन साल पहले बने ट्रैक की मरम्मत नहीं होने से वे दोबारा टूट गए हैं। घास उगने से मच्छर पैदा हो रहे हैं। -गुरसेवक सिंह बराड़, सेक्रेटरी आरडब्ल्यूए
घास को समय पर कटवाया जा रहा है लेकिन बारिश का मौसम होने के कारण एक सप्ताह बाद घास दोबारा उग जाती है। एक साल पहले का कोई ऐसा पेड़ नहीं है जो ग्रीन बेल्ट में पड़ा है। कटाई-छंटाई करने के बाद बागवानी विभाग की तरफ से ऑक्शन की जाती है जिसके बाद सभी पेड़ों को उठा लिया जाता है। कटाई-छंटाई का काम चलता रहता है इसलिए देखने वाले को लगता है कि पेड़ लंबे समय से वहां पर पड़े हैं। -महेश इंदर सिद्धू, पार्षद
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पार्क में ये हैं समस्याएं
1. घास समय पर नहीं काटा जा रहा है।
2. ट्रैक की मरम्मत न होने से उस पर भी घास उग गई है।
3. एक साल पहले कटे पेड़ों को अब तक उठाया नहीं गया है।
4. पार्कों में पानी के कनेक्शन न होने से पौधे सूख रहे हैं।
5. पेड़ों की कटाई-छंटाई करने के बाद टहनियां समय पर नहीं उठाई जा रही हैं।
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