बाकी लोग भट्टी के पास स्क्रैप लाकर उसमें डाल रहे थे। इसी दौरान भट्ठी के अंदर बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर जैसी एक पाइप जो दोनों तरफ से बंद थी वह चली गई। पाइप के डालते ही कुछ समय में एक जोरदार धमाका हुआ।
इससे पाइप काफी ऊंची हवा में उड़ गया। इसी दौरान भट्ठी में से निकले लावे और गर्म लोहे के टुकड़ों से भट्ठी के आसपास काम कर रहे सभी मजदूर घायल हो गए। धमाका इतना जोरदार था कि पाइप और गर्म लावे और लोहे के टुकड़े करीब बीस फुट ऊंचे लगे शेड पर लगे। पाइप शेड तोड़ कर बाहर की तरफ निकल गया और भट्ठी से काफी दूर जा गिरी।
ब्लास्ट होते ही फैक्ट्री में भगदड़ मच गई। बाहर नींद से जागे लोग भी फैक्ट्री की तरफ भागे। उन्होंने फैक्ट्री के अंदर जाकर बचाव कार्य करना चाहा लेकिन किसी ने फैक्ट्री का गेट नहीं खोला। मजदूरों ने किसी तरह से फैक्ट्री मालिक को सूचना दी और एंबुलेंस पहुंची। जब तक वह पहुंचे एक मजदूर शंभू की मौत हो चुकी थी।
हादसे में यह लोग हुए है घायल
डीसी स्टील इंडस्ट्री में गुरुवार की देर रात को भट्ठी में हुए ब्लास्ट के बाद मजदूर शंभू की तो मौत हो गई। हादसे में मिंटू सिंह, विश्वनाथ सिंह, राम पासवान, हरिंदर सिंह, प्रभु, प्रदीप, राजेश कुमार, संजय कुमार, राम कृपाल, जीतू और चंदन घायल हुए है। डॉक्टरों ने राम पासवान को पीजीआई चंडीगढ़ और मिंटू को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल भेज दिया है।
देर रात हुए धमाके की सूचना जैसे ही शुक्रवार की सुबह घायलों के परिजनों को मिली तो वह सभी लोग फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा हो गए। लोगों ने फैक्ट्री के अंदर जाना चाहा और मालिक से बात करनी चाही। फैक्ट्री के अंदर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला।
इसके बाद थाना जमालपुर के एसएचओ इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह फैक्ट्री से बाहर निकले और उन्होंने घायलों के परिजनों से बात की और हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद घायल के परिजन शांत हुए। बाद में परिजनों फैक्ट्री मालिक के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
एसएचओ इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ने बताया कि मृतक शंभू के परिजन उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले है। शंभू के पारिवारिक सदस्यों को इसकी जानकारी दे दी गई है। उनके आने के बाद और घायलों के बयान लेने के बाद ही फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।