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व्हाट्सएप पर मैसेज भेजें, 72 घंटे में ठीक होगी सड़क

Thu, 05 May 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सड़क निर्माण - फोटो : amar ujala
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हरियाणा की सड़कों पर अब जगह-जगह गड्ढे नजर नहीं आएंगे। इस साल के अंत तक पीडब्ल्यूडी 5605 किलोमीटर सड़कों पर 1818 करोड़ रुपये खर्च कर मरम्मत का काम पूरा करेगा। यह जानकारी बुधवार को प्रदेश के पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) मंत्री राव नरबीर सिंह ने एक प्रेस काफ्रेंस में दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस साल भी पीडब्ल्यूडी की ओर से किसी नई सड़क का निर्माण नहीं किया जाएगा और यह काम वर्ष 2017 में शुरू होगा।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा के गठन के बाद से ऐसा कभी नहीं हुआ था कि किसी सरकार ने सड़कों के रखरखाव के लिए कोई वर्क प्रोग्राम बनाया हो। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद पहली बार 2014-15 के लिए वर्क प्रोग्राम बनाया गया था, जिसके तहत 4725 किमी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए 1560 करोड़ रुपये रखे गए थे। साल 2016-17 के लिए तय वर्क प्रोग्राम में 1818 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग ने एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है, जिस पर सूचना दिए जाने के बाद 72 घंटे के भीतर टूटी हुई सड़क की मरम्मत कर दी जाएगी।

 उन्होंने बताया कि प्रदेश को जल्दी ही मानवरहित रेल फाटकों से निजात मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि कुल 46 आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) बनाए जाने का फैसला लिया गया है, जिसमें से 24 का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। बुधवार को राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई विभाग के सर्कल अधीक्षक अभियंताओं की बैठक में 9 आरओबी के निर्माण की मंजूरी दी गई। मंत्री ने अधिकारियों से विभाग में भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए भी दिशानिर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सड़कों की मरम्मत के काम की क्वालिटी मोनिटरिंग के लिए 3 करोड़ रुपये राशि रखी गई है। इसके अलावा एलओसी (लैटर आफ क्रेडिट) को भी आनलाइन कर दिया गया है, ताकि ठेकेदारों को राहत दी जा सके।
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जर्मनी की ग्रीन टेक्नोलॉजी से बनेगी सड़कें: राव नरबीर सिंह ने बताया कि हरियाणा में सड़क निर्माण के लिए पहली बार ग्रीन टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसी सड़कों में रोड़ी-बजरी का इस्तेमाल नहीं होगा और मिट्टी में ही एक केमिकल मिलाकर सड़क का बेड तैयार किया जाता है और उस पर दो इंच की परत चढ़ाई जाते है। उन्होंने बताया कि सड़क बनाने की यह तकनीक जर्मनी में अपनाई गई है। इस तरह सड़क बनाने में लागत भी सामान्य सड़कों से कम आती है और इस तकनीक से बनी सड़क पांच वर्ष तक चलती है। उन्होंने बताया कि हांसी से सुल्तानपुर तक पांच किमी सड़क का निर्माण ग्रीन टेक्नोलॉजी से किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि इस वर्ष गुड़गांव, फरीदाबाद, रेवाड़ी और करनाल में भी ग्रीन टेक्नोलॉजी से सड़कें बनाने का प्रस्ताव है। 

तीन गांव जोड़ने वाली अब हर सड़क होगी 18 फुट की: राव नरबीर ने बताया कि प्रदेश में कुल 26000 किमी सड़कें हैं, जिसमें 2482 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग हैं। लोक निर्माण विभाग वर्तमान में 24732 किमी सड़कों के रखरखाव का कार्य देख रहा है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग के अधीन 1284, राज्य मार्ग के अधीन 1801 किमी, प्रमुख जिला मार्ग के अधीन 1395 और अन्य जिला मार्गों के अधीन 20384 किमी सड़कें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रदेश के ऐसी सभी सड़कें जो तीन गांवों को जोड़ती हैं, की चौड़ाई 12 फुट से बढ़ाकर 18 फुट करने का फैसला लिया है। इस तरह कुल 1508 किमी सड़कों को चौड़ा किया जाएगा। इससे आमने-सामने आने वाले वाहनों को सड़क से उतरना नहीं पड़ेगा और सड़क टूटेगी नहीं।

सड़क पर पानी डालने वालों को भेजेंगे जेल : राव नरबीर: लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि सड़कों पर पानी बहने से सड़कें जल्दी टूट जाती हैं। इसके मद्देनजर सड़कों पर पानी बहाने पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क पर पानी डालने वालों को तीन माह की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्दी वे इस बारे में एक प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री के पास भेजेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बनाया जाने वाला नियम पीडब्ल्यूडी की सभी सड़कों पर लागू होगा।
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