उम्र 3 साल 1 महीना। ऊंचाई करीब 67 इंच (करीब साढ़े पांच फुट) लंबाई साढ़े 14 फुट और नाम 'विराट'। दरअसल ये एक झोटा है और इसका दाम बड़ा मोटा है।
चार दांत वाले ‘विराट’ के बारे में जितना कहा जाए उतना ही कम। अपनी इन्हीं खूबियों के कारण इतनी सी उम्र में प्रसिद्ध हुआ ‘विराट’ न केवल करनाल के गांव सालवन की बल्कि हिंदुस्तान की शान बन गया है। हम बात कर रहे हैं गांव सालवन के एक झोटे की। यह झोटा वीरवार को एनडीआरआई में चल रहे राष्ट्रीय पशु मेले की शान भी बना रहा।
मुक्तसर में हुए राष्ट्रीय पशु मेले में पिछले वर्ष मात्र दो साल की उम्र में ही अपनी इन्हीं खूबियों के कारण ‘विराट’ को देशभर में चौथा स्थान मिला था। हालांकि इसकी लंबाई और ऊंचाई अपने वर्ग में सबसे ज्यादा है लेकिन मेले में नंबर देने के लिए लंबाई और ऊंचाई के साथ शरीर का आकार व रंग भी देखा जाता है।
विराट अब तक 100 भैंसों का गर्भाधान कर चुका है। गांव सालवन के मुकेश के झोटे की पिछले वर्ष मुक्तसर में लगे पशु मेले में 5 लाख रुपये कीमत लगी चुकी है, लेकिन मुकेश इसे किसी कीमत पर बेचना नहीं चाहता। ‘विराट’ उसकी मां रोशनी और बेनाम बहन व डेढ़ वर्षीय भाई बिल्लू एनडीआरआई में चल रही राष्ट्रीय प्रदर्शनी में लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
छोटी सी उम्र में लगा इनाम जीतने
एनडीआरआई में चल रहे पशु मेले के दौरान ‘विराट’ के साथ आए मुकेश ने बताया कि उनका झोटा शुरू से ही बड़े आकार का रहा है। लिहाजा उसके आकार को देखते हुए बचपन में ही उसका नाम ‘विराट’ रख दिया गया था। मुकेश ने बताया कि मुर्राह नस्ल के इस ‘विराट’ ने सबसे पहले 6 माह की उम्र में राज्यस्तर पर पुरस्कार पाया था। इसके बाद कई प्रतियोगिताओं में विराट उन्हें ख्याति दिला चुका है।