जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर स्थित गांव लिसान में नीम के पेड़ से निरंतर बह रही मीठे दूध की अविरल धारा ग्रामीणों में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीण इस दूध को बोतलों में भरकर अपने घर ले जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ऐतिहासिक एवं प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर के समीप प्राथमिक विद्यालय के पास पुराने नीम के पेड़ से पिछले कुछ दिनों से कई जगहों से लगातार दूधनुमा सफेद तरल पदार्थ बह रहा है।
इसका पता चलने पर यहां ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी है। बहुत से लोगों ने इस तरल पदार्थ का स्वाद चखा। उन्होंने बताया कि कड़वे नीम के पेड़ से निकलने वाला यह दूध मीठा है। इसके बाद तो लोगों ने इस दूध को बोतलों में भरना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त नीम का पेड़ काफी पुराना है और इस बात को जानने का प्रयास किया कि दूध रिसने का कारण क्या है, लेकिन अनेक प्रयासों के बावजूद इसका पता नहीं चल सका है।
ग्रामीणों ने बताया कि आज से ठीक चार वर्ष पूर्व भी गांव के राजकीय उच्च विद्यालय के प्रांगण में लगे एक पेड़ से ऐसा ही दूधनुमा तरल पदार्थ निकलता था।