चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला का चुनाव प्रचार भले ही सीबीआई को नागवार गुजरा हो लेकिन हरियाणा की जनता से रूबरू होने में चौटाला ने इस अवधि में कोई कसर नहीं छोड़ी। उम्र के इस पड़ाव में चौटाला ने मात्र दो दिन की अवधि में पूरे हरियाणा में धुआंधार प्रचार किया है।
3 से 9 अक्तूबर के बीच चौटाला ने इनेलो को जिताने के लिए हरियाणा के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ा। विपक्ष की आलोचना और सीबीआई के दबाव के बावजूद चौटाला हरियाणा में अपने कार्यकर्ताओं को जो संदेश देना था वह दे गए। अब बारी प्रदेश की जनता की है। मतदान से चार दिन पहले ओम प्रकाश चौटाला खुले मंच पर नहीं आ सकेंगे।
हालांकि एक सप्ताह के अपने इन दौरों में उन्होंने 3 और 4 अक्तूबर का समय अपने हलके उंचाना में दिया। इसके बाद 5 और 6 अक्तूबर को उन्होंने राज्य के इक्कीस जिलों का दौरा किया और आधे हरियाणा के विधानसभा क्षेत्र कवर किए। इस दौरान रथ यात्राओं से लेकर रोड शो तक के आयोजन किए गए।
उचाना से दुष्यंत के कंधों पर जिम्मेदारी:
उचाना हलके से चौटाला की विरासत संभालने की जिम्मेदारी सांसद दुष्यंत चौटाला पर है। पिछले चुनाव में चौटाला ऐलनाबाद और उचाना सीट से चुनाव जीते थे। बाद में ऐलनाबाद सीट छोड़ी और अभय चौटाला वहां से उपचुनाव में विधायक बने