फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओलंपियन जगमोहन सिंह का निधन, 1973 में भारतीय हॉकी टीम इन्हें कहती थी 'कठोर'

Sat, 21 Nov 2020 09:07 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
विज्ञापन
ओलंपियन जगमोहन सिंह। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
ओलंपियन और पटियाला के नेता जी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) के रिटायर ज्वाइंट डायरेक्टर जनरल जगमोहन सिंह का पटियाला में 16 नवंबर को निधन हो गया। जगमोहन सिंह 88 साल के थे। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। 
विज्ञापन


उनकी भोग सेरेमनी और अंतिम अरदास 24 नवंबर को रखी गई है। 110 मीटर बाधा दौड़ के ओलंपियन और राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले एथलीट जगमोहन सिंह पटियाला में 1962 में एनआईएस से स्थापना के एक साल बाद से बतौर खेल प्रशिक्षक जुड़े हुए थे। 1982 तक वे कोच रहे। 1966 के राष्ट्रमंडल खेलों में वह भारतीय टीम के मुख्य कोच थे। 

1976 के मांट्रियाल ओलंपिक में भारतीय साइक्लिंग टीम के फिटनेस कोच थे। 1990 तक वह एनआईएस पटियाला में डीन के पद पर भी रहे। भारत की तरफ से जगमोहन सिंह ने 1960 के रोम ओलंपिक में 110 मीटर बाधा दौड़ में हिस्सा लिया था। वह डेकथलॉन और 110 मीटर बाधा दौड़ के राष्ट्रीय रिकार्डधारी रहे। 1958 से 1960 तक इस प्रतियोगिता के विजेता भी रहे। उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स व साइक्लिंग संघ के लिए सराहनीय योगदान दिया। 
विज्ञापन


1973 के हाकी विश्व कप के पहले उन्हें भारतीय टीम का फिटनेस कोच नियुक्त किया गया। उनका प्रशिक्षण काफी कठोर था। इसी कारण 1973 में भारतीय हाकी टीम अपने सबसे बेहतर फिटनेस स्तर पर थी। जगमोहन सिंह विज्ञान में स्नातक थे। 1973 में भारतीय हॉकी टीम को अनुशासन में लाने का श्रेय जगमोहन सिंह को दिया गया था।

एनआईएस पटियाला सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल राज सिंह बिश्नोई ने जगमोहन सिंह के निधन पर शोक जताते इसे खेल जगत के लिए क्षति बताया है। साथ ही कहा कि उनके निधन से खेल जगत ने एक शानदार कोच को खो दिया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें