दुराचारी पुलिस गैंग की मदद करने के आरोपों से घिरी एसआईटी को गठन के तीसरे दिन ही बदल दिया।
पीड़िता के भाई के पत्र पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आईजी आरपी उपाध्याय ने सोमवार को एसआईटी को हेड कर रहे डीएसपी आशीष कपूर, सेक्टर-11 के थाना प्रभारी मलकीयत सिंह को इससे बाहर कर दिया गया है और जांच प्रभारी को भी बदल दिया गया है।
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साथ ही पुरानी एसआईटी के अफसरों पर लगे आरोपों की जांच एसएसपी ट्रैफिक को सौंप दी है। आईजी का कहना है कि अगर सीबीआई मामले की जांच करती है तो हम इसके लिए भी तैयार हैं।
खुड्डा लाहौरा की 17 वर्षीय छात्रा से पुलिस के पांच कांस्टेबलों द्वारा दुराचार और छेड़छाड़ का मामला वीरवार को सामने आया था।
मामले के तूल पकड़ने पर शनिवार को आईजी ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया था। पीड़ित पक्ष ने यह आरोप लगाया था कि एसआईटी में उन्हीं लोगों को शामिल किया गया है, जो आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे।
अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद सोमवार को आईजी ने एसआईटी को बदल दिया।
समझौते के कोशिश करने वालों की जांच
पीड़िता के भाई की ओर से पुलिस वालों पर समझौता कराने के जो आरोप लगाए गए हैं आईजी ने उनकी जांच के आदेश दे दिए हैं।
एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी को मामले की जांच सौंपी गई है। साथ ही मामला दर्ज होने के बाद से ही जांच अधिकारी ऊषा रानी की भूमिका की जांच करने को भी कहा गया है।
एसआईटी के गठन से पहले की एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी गई है। एसएसपी ट्रैफिक से कहा गया है कि वह जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट दें। आईजी ने अलग से पत्र लिख कर भी पीड़िता के भाई को इसकी जानकारी दे दी है।
नई एसआईटी में ये हैं शामिल
डीएसपी कमला मीणा- एसआईटी हेड
डीएसपी स्वेता चौहान
इंस्पेक्टर हरजीत कौर- जांच अधिकारी
एसआई आरती गोयल (वुमन सेल)
एएसआई चंद्रमुखी (थाना-3)
पुरानी एसआईटी
डीएसपी सेंट्रल आशीष कपूर- एसआईटी हेड
डीएसपी कमला मीणा
सेक्टर-11 थाना प्रभारी मलकीयत सिंह
पीजीआई चौकी प्रभारी ऊषा रानी जांच अधिकारी
इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस के आईजी आरपी उपाध्याय ने बताया कि पीड़िता के भाई ने जो आरोप लगाए हैं उन्हें देखते हुए एसआईटी को बदल दिया गया है। सभी आरोपों की जांच एसएसपी ट्रैफिक करेंगे। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।