एक ओर मणिपुर का मोइबंग और लोऊ शा, दूसरी ओर नागालैंड का तेनम काजू... एकदम से मंच का दृश्य बदला और यहां आ गई फायर रिंग। इसमें मणिपुर के साहसी कलाकारों ने दिखाया तांग ता क्लासिकल डांस।
यह क्लासिकल नृत्य देख चंडीगढ़ के एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल और यहां मौजूद दर्शक भी वाहवाही करते नजर आए। यह सब हुआ ओक्टेव 2014 चंडीगढ़-फेस्टिवल आफ नार्थ ईस्ट में।
इसका आयोजन किया नार्थ जोन कल्चरल सेंटर पटियाला ने। करीब ढाई सौ कलाकारों ने यहां जबरदस्त परफारमेंस दी। प्लाजा में कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त भीड़ दिखाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत हुई मणिपुर के मोइबंग उसके बाद नागालैंड का तेनम काजू और फिर मणिपुर का लोऊ शा और मणिपुर का तांग ता (फायर रिंग) दिखाया गया।
सिक्किम का तसोसा, मेघालया का का शद फोर, अरुणांचल प्रदेश का या लुंगी, अरुणांचल प्रदेश का नेंटू रुंग, त्रिपुरा का झुम, त्रिपुरा का होजागिरी, सिक्किम का सिंघी छाम, असम का कुशन नृत्य, मेघालय का लेवाथा, नागालैंड का खुप्पीलेलिए, मिजोरम का च्रेरेरा, असम का बेहू और मणिपुर का ढोल ढोलक ने सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में ढाई सौ कलाकार एक साथ मंच पर उतर आए।
शार्ट सर्किट से स्पार्किंग
ओक्टेव-2014 के दौरान कार्यक्रम के समापन के दौरान ही शार्ट सर्किट से स्पार्किंग हुई। कलाकार धुआं उठते देख आगे भागे। इस दौरान बिजली वालों ने फुर्ती दिखाते हुए बिजली आफ कर दी।
एसएसपी ने कहा, वाह
चंडीगढ़ के एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल ने कार्यक्रम के अंत में स्टेज पर पहुंचकर सभी कलाकारों को उनकी परफारमेंस के लिए बधाई दी। इस दौरान उनके संग डीएसपी आशीष कपूर भी मौजूद रहे।