सेना में कार्यरत सैनिकों और पूर्व सैनिकों की अपने-अपने गृह जिलों में सिविलियन मामलों को लेकर न केवल पूरी तरह से सुनवाई की जाएगी, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान भी जल्द होगा। इसके लिए हरियाणा सरकार एक खास व्यवस्था करने जा रही है। इसके तहत सभी जिलों में अब एक-एक जिला कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
ये जिला कल्याण अधिकारी सेना से रिटायर्ड आला अफसर होंगे, जिन्हें हरियाणा सरकार बढ़िया वेतन भी देगी। सरकार को उम्मीद है कि आकर्षक वेतन निर्धारित होने के बाद इस पद के लिए अनुभवी अफसर मिलेंगे, जिससे विभाग की कार्रवाई बेहतर होगी। साथ ही सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुड़े सिविल मसलों को गंभीरता से लेते हुए उनका जल्द निपटारा किया जाएगा।
कई बार जवानों, अफसरों, पूर्व सैनिकों या उनके आश्रितों से जुड़े कुछ सिविल मामले होते हैं, जिसके लिए ये जवान और अफसर अपने-अपने गृह जिलों के सिविल एडमिनिस्ट्रेशन से संपर्क करते हैं। इन जवानों और अफसरों की सुनवाई तो होती है, लेकिन उनके समस्या के समधान में काफी समय लग जाता है और उनकी अर्जियां टेबल-दर-टेबल घूमती रहती है। जबकि कई मामले तो फौरी सुनवाई या समाधान लायक होते हैं।
सैनिकों के कल्याण से संबंधित सुविधाएं प्रदान करने वाला हरियाणा देश का अग्रणीय राज्य है। सैनिकों के लिए शुरू की गई राज्य सरकार की योजनाओं से सैनिक एवं उनके परिवारों का मनोबल बढ़ा है। जिला कल्याण अधिकारी नियुक्त करने के बाद सैनिकों व पूर्व सैनिकों की उनके जिलों में सिविल मसलों पर सुनवाई भी जल्द और अच्छे से हो सकेगी। सेना भी राज्य सरकार और जिला प्रशासन की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती है।
- लेफ्टिनेंट जनरल पीएम बाली, चीफ ऑफ स्टाफ पश्चिमी कमांड, चंडीमंदिर मुख्यालय