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Chandigarh News: सिर्फ एक साइन के लिए अधिकारी ने एक महीने रखी फाइल, डीसी ने जताई नाराजगी, जारी किए आदेश

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चंडीगढ़। सरकारी विभागों में काम में देरी की बात नई नहीं है। छोटे-छोटे काम के लिए भी लोगों को महीने भर चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसा ही एक मामला एस्टेट ऑफिस में सामने आया है, जिसमें असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर ने सिर्फ एक हस्ताक्षर के लिए फाइल को करीब एक महीने अपने पास रखा। इस पर डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर यशपाल गर्ग ने नाराजगी जताई है।
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उन्होंने एडीसी, तीनों असिस्टेंट एस्टेट अफसर व जेईटीसी को आदेश दिए हैं कि पांच जनवरी 2023 तक सभी लंबित फाइलें क्लियर की जानी चाहिएं, जिसके लिए शनिवार व रविवार को भी दफ्तर खुला रखा जा सकता है। इसके अलावा अधिकारी देर शाम तक भी रुक सकते हैं। डीसी ने आदेश दिए हैं कि फाइलों का निपटारा करने के लिए अनावश्यक आपत्तियां नहीं लगाई जानी चाहिएं और न ही बिना ठोस कारण खारिज की जानी चाहिए। अगर किसी अधिकारी ने ऐसा किया तो वह उन फाइल को मंगवाकर देख भी सकते हैं। इसमें पाया गया कि फाइल पर आपत्ति जरूरी नहीं थी तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने सुझाव दिया है कि एडीसी, तीनों असिस्टेंट एस्टेट अफसर व जेईटीसी अपने स्टाफ के साथ लंबित फाइलों को लेकर समीक्षा बैठक कर सकते हैं ताकि इनका जल्दी निपटारा किया जा सके।
तीन दिन से ज्यादा फाइल रखी तो बताना होगा कारण
यशपाल गर्ग ने आदेश जारी किए हैं कि पांच जनवरी 2023 के बाद तीन दिन से ज्यादा अगर किसी अधिकारी ने फाइल को लंबित रखा, तो उसका उचित कारण बताना होगा। जनवरी के दूसरे सप्ताह में उनकी तरफ से फाइलों की समीक्षा की जाएगी और अधिकारियों को उन लंबित फाइलों की जानकारी के साथ तैयार रहना होगा, जो 31 दिसंबर 2022 तक उनके पास पहुंचीं लेकिन इन्हें 5 जनवरी 2023 तक पास नहीं किया गया। दरअसल, शुक्रवार को कुछ आवेदकों ने डीसी से मुलाकात कर कहा था कि उनकी तरफ से सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं, लेकिन संबंधित एईओ के पास फाइलें लंबित पड़ी हैं।
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ये मामला सामने आने के बाद डीसी ने जारी किए आदेश
डीसी ने यह आदेश एक फाइल के एक महीना लंबित रखने का मामला सामने आने के बाद जारी किए हैं। बताया कि एक एईओ ने एक महीने अपने पास फाइल रखने के बाद उन्हें भेजी। इस फाइल पर एईओ की कोई भी अतिरिक्त टिप्पणी नहीं थी, उन्होंने सिर्फ हस्ताक्षर किए थे। जब एईओ से फाइल के लिए इतना समय लेने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनके पास काफी लंबित फाइलें पड़ी हैं, जिसके चलते उन्हें फाइलों को देखने में समय लग रहा है। हालांकि संबंधित फाइल अधिकारी की तरफ से क्लीयर कर दी गई, लेकिन इस तरह की देरी स्वीकार्य नहीं है। इसी तरह कई अन्य फाइलों में भी देरी की गई, जबकि इन फाइलों को बिना किसी परेशानी क्लीयर किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अन्य फाइलें भी लंबित होने की संभावना है और अगर वरिष्ठ अधिकारी समय पर फाइलों का निपटारा नहीं कर सकते हैं तो वे अपने अधीन अधिकारियों को समय पर निपटारा करने के लिए कैसे कह सकते हैं।
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