ओपन डिस्टेंस लर्निंग के जरिए उच्च शिक्षा प्राप्त अध्यापकों ने रविवार को रेगुलराइजेशन और तरक्की देने की मांग को लेकर धरना दिया। इस रैली में अध्यापक यूनियन पंजाब, सांझा अध्यापक फ्रंट पंजाब, ओडीएल टीचर्स फ्रंट (प्रमोशन) और गवर्नमेंट सीएंडवी व ईटीटी टीचर यूनियन पंजाब सांझे तौर पर शामिल हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
रैली के बाद अध्यापकों ने चंडीगढ़ की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें फेज-7 के मुख्य लाइटों पर रोक दिया। इसके बाद अध्यापक वहीं बैठ गए और कुछ देर के लिए सड़क को जाम कर दिया। अध्यापकों के रोष मार्च की सूचना मिलते ही मौके पर प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और चार अक्तूबर की शाम को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ अध्यापकों के पैनल की मीटिंग का समय तय करवाया। इसके बाद अध्यापकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
अध्यापक यूनियन के नेता विक्रम देव सिंह, जसविंदर भुल्लर, नवदीप समाना और सुखजिंदर हरिके ने बताया कि करीब 3442 पौने चार साल और 7654 अध्यापक पांच साल से ज्यादा समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक रेगुलर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि ओपन डिस्टेंस लर्निंग के जरिए उच्च शिक्षा प्राप्त अध्यापकों को रेगुलर किया जाए। उन्होंने मांग की कि यूजीसी की ओर से 23-08-2013 को जारी पब्लिक नोटिस से पहले बाहरी राज्यों की डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल और यूजीसी द्वारा प्रमाणित यूनिवर्सिटियों में दाखिला ले चुके अध्यापकों को बतौर लेक्चरार और ईटीटी बनाने पर तुरंत विचार किया जाए। अध्यापकों ने रैली के दौरान पेंडिंग पड़े रेगुलर पत्रों को तुरंत जारी करने की मांग की। इस मौके पर डेमोक्रटिक टीचर फ्रंट की ओर से दविंदर पुनिया, अमरजीत भल्ला, शिक्षा प्रोवाइडर यूनियन की ओर से जगजीत सिंह भी धरने में शामिल हुए।