चंडीगढ़। वीरवार दिन और रात हुई बारिश ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी। कई सेक्टरों में रोड गलियां (स्टॉर्म वाटर इनलेट) बंद होने से सड़कों पर पानी भर गया। शुक्रवार सुबह पंजाब के गवर्नर एवं यूटी प्रशासक के डड्डूमाजरा में पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों की नजर सेक्टर-25 डी-25 वेस्ट की जलभराव वाली सड़क पर पड़ी। यहां रोड गलियां बंद होने के कारण पानी जमा था। इसे देखते हुए प्रशासक के चीफ सेक्रेटरी ने नगर निगम और प्रशासन के चीफ इंजीनियर को रोड गलियों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि रोड गलियां बंद होने के कारण ही पिछले सप्ताह सेक्टर-7 में कई वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों के घरों में भी बारिश का पानी भर गया था। इसके बाद प्रशासन के चीफ इंजीनियर ने पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन को सेक्टर-25 डी-25 वेस्ट में रोड गलियां साफ कर जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने भी एक्सईएन पब्लिक हेल्थ को सेक्टर-7 और सेक्टर-26 की बंद रोड गलियां तत्काल साफ कराने को कहा।
हालांकि शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे बारिश थम गई थी, लेकिन कई स्थानों पर पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहा। इसके बाद नगर निगम की टीमें प्रभावित इलाकों में रोड गलियों की सफाई में जुट गईं। सेक्टर-26 ईस्ट में भी रोड गलियां बंद होने से जलभराव की स्थिति बनी रही बारिश के बाद सेक्टर-24 की वी-4 रोड, सेक्टर-23-24, सेक्टर-22, 21 समेत कई क्षेत्रों की सर्विस रोड (वी-6 रोड) पर भी रोड गलियां बंद मिलीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंदरूनी सड़कों की रोड गलियों की नियमित सफाई नहीं हुई। उनका कहना है कि उन्होंने कभी सफाई कर्मचारी को इनकी सफाई करते नहीं देखा। लोगों के मुताबिक बारिश के दौरान कचरा स्टॉर्म वाटर लाइन में चला जाता है, जिससे निकासी व्यवस्था और प्रभावित हो जाती है।
कोट...
सभी क्षेत्रों की रोड गलियां साफ कराई गई हैं। उनके अनुसार बारिश के दौरान पेड़ों की टहनियां और कचरा दोबारा इनलेट में फंस जाता है जिससे जलनिकासी बाधित होती है। उन्होंने कहा कि निगम का स्टाफ दिन-रात बंद रोड गलियों की निगरानी और सफाई में लगा हुआ है। - संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम