जैसे ही आपत्तिजनक वीडियो चला तो छात्र हैरान रह गए। इसके बाद छात्र-छात्राएं ऑनलाइन क्लास से लेफ्ट होते चले गए। उधर, केयू आईटी विभाग के निदेशक डॉ. सुनील ढींगड़ा के मुताबिक शिक्षण संस्थान द्वारा जितनी भी ऑनलाइन क्लास चल रही हैं, उनकी सबकी रिकार्डिंग रिकार्ड में रहती है। अगर उक्त ऑनलाइन क्लास की रिकार्डिंग हुई तो दोषी पकड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का आईटी विंग कुछ विशेष स्थिति में ही दोषी तक पहुंच सकता है, वरना यह मामला साइबर क्राइम का है, जिसे पुलिस के जरिये ही दोषी तक पहुंचा जा सकेगा।
देर शाम केयू शिक्षक ने माना वीडियो चला था : डॉ. दर्शन
गुरुवार शाम सवा छह बजे विभागाध्यक्ष डॉ. दर्शन सिंह ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर उन्होंने संबंधित शिक्षक से पूछताछ की थी। उन्होंने माना कि सुबह ऑनलाइन क्लास में एक गलत वीडियो चला था लेकिन यह वीडियो कैसे चला? इसकी जांच की जा रही है। विभागाध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में कार्रवाई के लिए वीसी को लिखा है।
इस तरह हुई घटना
- सुबह सवा नौ से सवा दस बजे तक थी ऑनलाइन क्लास
- ऑनलाइन क्लास में शिक्षक की अनुमति से जुड़े थे करीब 40 विद्यार्थी
- क्लास के अंतिम चरण में 10 बजकर 7 मिनट पर आपत्तिजनक वीडियो चला
- वीडियो के चलते ही 10 बजकर 9 मिनट पर लेफ्ट हो गये थे अधिकांश विद्यार्थी
- शाम चार बजे केयू कुलपति डॉ. एसएन सचदेवा के संज्ञान में आया मामला, जांच का आदेश