पूर्व डीजीपी केपीएस गिल की जीवनी ‘दि पैरामाउंट कॉप’ पर सवार उठाए गए हैं। साथ में मुख्यमंत्री बादल पर आरोप लगाए गए हैं।
पूर्व कांग्रेसी विधायक सुखपाल खैहरा ने पूर्व डीजीपी केपीएस गिल के जीवन पर लिखी गई किताब ‘दि पैरामाउंट कॉप’ पर सवार उठाए हैं। खैहरा ने इसके आधार पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा है कि इस किताब के अनुसार आतंकवाद के दौर में बादल निरंतर गिल के साथ बैठकें करते रहे। वह स्पष्ट करें कि गिल के साथ इन गुप्त बैठकों में क्या विचार-विमर्श होता रहा। किताब के लेखक राहुल चंदन हैं।
खैहरा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से अपील की कि वह बादल के इस पंथ विरोधी रवैये के लिए उनसे पंथ रत्न की उपाधि वापस लें। खैहरा सोमवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उस वक्त बादल आतंकवादियों के हक में बोलते थे और उनके भोगों पर भी जाते थे, जबकि केपीएस गिल सरकार के नुमाइंदे के तौर पर आतंकवाद से लड़ाई लड़ रहे थे। ऐसे में दोनों के बीच भोजन व चाय पर बैठकों का होना कई संकेत देता है।