पीजीआई के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. विपिन कौशल की नियुक्ति सवालों के घेरे में है। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक नियमों को दरकिनार कर उनकी नियुक्ति हुई है।
इसी साल 18 फरवरी को ऑडिटर ने पीजीआई से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे थे, जो अब तक नहीं दिए गए हैं। ऑडिट ने एक अन्य डीएमएस डा. आरके शर्मा की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि उनकी मौत हो चुकी है। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कौशल पद के लिए अनिवार्य योग्यताएं भी पूरी नहीं करते थे। इसके बावजूद नौकरी उन्हें मिली, जो योग्यताएं पूरी करता था उसे वेटिंग में रखा गया।
डीएमएस की पोस्ट के लिए बोर्ड डिसीप्लिन इन मेडिकल साइंस की डिग्री और एक्सपीरियंस का होना जरूरी था, लेकिन डा. विपिन कौशल के पास न तो इसकी योग्यता है और न ही इसका कोई अनुभव।
उनके पास सिर्फ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की मास्टर डिग्री है। इसके बावजूद उन्हें नियुक्त कर दिया। यह नियुक्ति साल 1999 में हुई थी। साल 2007 में किसी ने गुपचुप शिकायत कर दी और उसके बाद विजिलेंस जांच भी हुई।