शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए परवेश सेठी द्वारा डायरेक्ट किए गए नुक्कड़ नाटक आजाद का आयोजन सेक्टर-49 की पेक सोसायटी में किया गया।
इस नाटक में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी को समाहित किया गया था। चंडीगढ़ में आयोजित इस नाटक की शुरुआत शहीद ऊधम सिंह के स्टैचू के साथ होती है।
सीन में दिखाया जाता है कि लोग अपने बच्चों को भविष्य में क्या बनाना चाहते हैं। इतने में ही गुरुदेव आते हैं और वह शहीद ऊधम सिंह की वीरगाथा सुनाते हैं।
इसमें कहानी दिखाई जाती है कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी प्रेम से रहते हैं। इसी बीच एक अंग्रेज आ जाता है। वह फूट डालो और राज करो का अभियान चलाता है।
तभी क्लाइमेक्स में शहीद ऊधम सिंह बुत से निकलकर जीवित हो जाते हैं। उनको देखकर सभी धर्म के लोग चकित हो जाते हैं। वह एकबार फिर अंग्रेज को खत्म करते हैं और सभी को मुक्ति दिलाते हैं।