हैपनिंग हरियाणा समिट के तुरंत बाद गुड़गांव में आयोजित होने वाला प्रवासी भारतीय दिवस स्थगित कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने भविष्य में इसके आयोजन की मंशा के साथ कार्यक्रम स्थगित किया है, लेकिन यह साफ है कि जाट आरक्षण को लेकर उपद्रव के बाद कार्यक्रम को टालना पड़ा। हैपनिंग हरियाणा समिट अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक ही होगा।
प्रवासी भारतीय दिवस पर सरकार ने प्रवासी भारतीयों को हरियाणा में निवेश करने के लिए न्योता दिया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर प्रवासी भारतीय दिवस को लेकर काफी उत्साहित थे। उन्होंने बहुत बड़े पैमाने पर होमवर्क किया था।
पिछले एक महीने से इन प्रवासी भारतीयों को हरियाणा में निवेश करने के लिए न्योता भेजा जा रहा था। इस कार्यक्रम में खासतौर पर हरियाणा मूल के प्रवासियों को बुलाना था, जिसके लिए नामों की लिस्ट तैयार हो चुकी थी।
सूत्रों के मुताबिक हैपनिंग हरियाणा का कार्यक्रम तय तिथि पर आयोजित करने को लेकर मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दे दी है, लेकिन जाट आरक्षण के नाम पर उपद्रव के कारण निवेश के लिए दिया गया टारगेट पूरा नहीं हो सका है।
सरकार ने जितने जोश के साथ इस समिट के आयोजन की तैयारी शुरू की, उतने ही ठंडे तरीके से इसका आयोजन किया जाएगा। अब निवेशकों को लुभाने के लिए बड़े कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा।
उपद्रव से हैपनिंग हरियाणा को झटका
जाट आरक्षण के लिए उपद्रव से पिछले एक सप्ताह से हैपनिंग हरियाणा की तैयारियों को झटका लगा है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार उत्साह में कमी न लाते हुए हैपनिंग हरियाणा समिट का आयोजन कर रही है। मुख्यमंत्री के लिए यह समिट प्रतिष्ठा का सवाल है, जिसे कामयाब करने के लिए पिछले कई माह से सीएम ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया है।