चंडीगढ़। क्रेस्ट में 75 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच अब तेज हो गई है और दायरा बढ़ता जा रहा है। मामले में गिरफ्तार प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल की पूछताछ में अहम खुलासे हुए हैं, जिसके बाद नगर निगम के तत्कालीन चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। जांच में सामने आया है कि क्रेस्ट के खातों से शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई रकम का एक हिस्सा अबरोल, उनके रिश्तेदारों और करीबी लोगों के खातों में भी पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के साथ-साथ आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कैश ट्रेल और मनी फ्लो की जांच में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं। गौरतलब है कि 12 मार्च को क्रेस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की शिकायत पर 75 करोड़ रुपये के घोटाले का केस दर्ज किया गया था लेकिन जांच में यह राशि बढ़कर 83 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। ईओडब्ल्यू ने मामले में जेल में बंद बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि, सीमा धीमान और अभय कुमार को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की थी। पूछताछ में एनपी शर्मा, नलिनी मलिक और सुखविंदर अबरोल के नाम सामने आए। पुलिस अकाउंट ऑफिसर नलिनी मलिक की तलाश में हरियाणा में लगातार दबिश दे रही है। वहीं पूरे नेटवर्क को भी खंगालने की कार्रवाई जारी है।