योग जीवन पद्धति है। योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। योग विज्ञान विषय के महत्त्व को देखते हुए योग पाठ्यक्रम को हरियाणा के एमडीयू से संबद्ध कॉलेजों में जल्दी ही लागू किया जाएगा। ये कहना है एमडीयू के कुलपति सुधीर राजपाल का।
कुलपति रविवार को एमडीयू में हुए योग एंड हालिस्टिक लाइफ विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भविष्य में शारीरिक शिक्षा विभाग में योग विज्ञान विषय पर एडवांस्ड पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही संबद्ध कॉलेजों में भी योग विज्ञान के पाठ्यक्रम शुरू कराए जाएंगे।
यूनिवर्सिटी में स्थापित स्वामी दयानंद शोध पीठ के तत्वावधान में योग एवं योग दर्शन विषय पर शोध करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के प्रो. उमेद सिंह ने कहा कि न केवल शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी योग जरूरी है।
मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर तथा यूथ रेड क्रॉस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. राधे श्याम ने संगोष्ठी की जानकारी और सेमिनार रिपोर्ट प्रस्तुत की। संगोष्ठी में लगभग 30 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि डीन, एकेडमिक एफेयरस प्रो. सुनीता मल्होत्रा और कुलसचिव डॉ. एसपी वत्स रहे। इस मौके पर कैंपस स्कूल की निदेशक प्रो. सोनिया मलिक, डॉ. संजय सिंह, प्रो. नसीब सिंह गिल, प्रो. हीरक ज्योति घोष राय, डॉ. रणवीर गुलिया, डॉ. कश्यप दुबे मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन निदेशक युवा कल्याण जगबीर राठी ने किया।