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Chandigarh News: अब घर के दरवाजे तक जाएगी एक्स-रे मशीन, करेगी टीबी की जांच

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चंडीगढ़। टीबी उन्मूलन अभियान में अब संदिग्ध मरीजों के घर के दरवाजे तक एक्स-रे मशीन जाकर टीबी की जांच करेगी। आईसीएमआर की योजना के अंतर्गत चंडीगढ़ को पहली हैंड हेड एक्स-रे मशीन दी गई है। इसकी मदद से विभाग ने कजहेड़ी में घर-घर स्क्रीनिंग अभियान शुरू कर दिया है। पोर्टेबल मशीन के माध्यम से जहां मरीजों को उनके घर के बाहर एक्स-रे की सुविधा मिलने लगी है, वहीं आर्थिक नुकसान के डर से इलाज न कराने वाला वर्ग भी लक्षण सामने आने पर अब डॉक्टर के पास पहुंचने लगा है। हाथ से चलने वाली एक्स-रे मशीन से महज 40 सेकंड में रिपोर्ट देकर यह भी कंफर्म कर दिया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति को टीबी है या नहीं।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहर में बुड़ैल, धनास, मलोया, मौलीजागरां समेत अन्य बस्तियों में टीबी के मरीजों की संख्या ज्यादा है लेकिन वह इलाज के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। इसके लिए इलाज की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इस योजना में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का उपयोग किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चंडीगढ़ को चार पोर्टेबल एक्स-रे मशीन मिलनी हैं, जिसमें से एक से काम शुरू कर दिया गया है। वहीं, तीन अन्य मशीन भी जल्द ही आने की उम्मीद है। इसके लिए एक रेडियोग्राफर भी मिल गया है। इसके साथ तीन अन्य मशीनों के लिए भी जल्द ही रेडियोग्राफर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
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इनसेट-
क्या आपको ये पता है
- संदिग्ध मरीज को अस्पताल लाने और उसकी जांच कराने पर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सहायता करने वाले व्यक्ति को इनफॉर्मेंट इंसेंटिव के रूप में 500 रुपये प्रदान किए जाते हैं।
- संक्रमित मरीज का बैंक में खाता खुलवाने में मदद करने वाले व्यक्ति को 50 रुपये दिया जाता है।
- मरीज में बलगम वाली टीबी की पुष्टि होने पर उसके घर के सभी सदस्यों को दवा दी जाती है। उस मरीज को 500 रुपये की आर्थिक मदद के साथ ही उसके घर के हर सदस्य को ढाई सौ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
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- टीबी की जांच से लेकर उसके इलाज तक की सुविधा सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह से निशुल्क प्रदान की जा रही है।

लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- तीन सप्ताह से अधिक समय तक खांसी होना
- सांस फूलना
- सांस लेने में तकलीफ होना
- शाम के दौरान बुखार का बढ़ जाना
- सीने में तेज दर्द होना
- अचानक से वजन का घटना
- भूख में कमी आना
- बलगम के साथ खून आना
- फेफड़ों का संक्रमण होना
- लगातार खांसी आना
- अस्पष्टीकृत थकान होना
- बुखार आना


इनसेट-
ऐसा करें
-दो हफ्तों से अधिक समय तक खांसी रहने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें
-टीबी संक्रमित व्यक्ति के पास न जाएं और अगर जाएं तो मास्क अवश्य लगाएं
-टीबी से पीड़ित मरीज के बिस्तर, रुमाल या तौलिया आदि का इस्तेमाल न करें
-अगर आपके आस-पास कोई खांस रहा है तो अपने मुंह को रुमाल से ढक लें और वहां से दूर हट जाएं
-अगर आप टीबी से पीड़ित मरीज से मिलने जा रहे हैं तो वापस आकार हाथ और मुंह को अच्छी तरह धोएं और कुल्ला करें
- विटामिन्स, मिनरल्स, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर खाद्य-पदार्थों का सेवन करें, इससे रोग प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है।

टीबी के मरीजों पर एक नजर
- चंडीगढ़ में टीबी के कुल पंजीकृत मरीजों की संख्या- 5021
- चंडीगढ़ के उपचाराधीन मरीज - 2125
- शहर में अब तक बने निक्षय मित्र - 61
- टीबी के मरीजों में अब तक वितरित पोषण की टोकरी- 3320

कोट-
टीबी उन्मूलन के लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। जहां तक चंडीगढ़ की बात है तो स्क्रीनिंग और पॉजिटिव मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के साथ ही पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से मरीज को उनके घर के पास एक्स रे की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लोगों से अपील है कि टीबी के लक्षण सामने आने पर वे उसे छिपाएं नहीं। उसका इलाज कराएं। सरकार की ओर से इलाज की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही मरीजों को पोषण के लिए आर्थिक मदद भी मुहैया कराई जा रही है।
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-डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य
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