नार्थ रीजन में दिल्ली के बाद पहली बार चंडीगढ़ में दांतों के इलाज के लिए नई तकनीक लांच की गई है। इसकी मदद से दांतों का ट्रीटमेंट बेहद आसान हो जाता है।
सेक्टर-18 बी स्थित द डेंटल आर्केड की चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विजिता मेहता ने वीरवार को अपने डेंटल में माइक्रो-डेंटिस्ट्री व मैग्नीफिकेशन टेक्नोलॉजी कंसेप्ट का लाइव डेमो दिखाया।
उन्होंने दावा किया कि मैग्नीफिकेशन से मरीज को ओरल कैविटी से देखने में डेंटिस्ट को बहुत मदद मिलती है। इससे ट्रीटमेंट बेहद आसान बन जाता है और बिना किसी चोट के आसानी से इलाज किया जा सकता है।
डॉ. मेहता ने बताया कि डेंटिस्ट को जबड़े का स्ट्रक्चर पूरी डिटेल में देखने को मिल सकता है जो पहले स्पष्ट नहीं देखा जा सकता था।
यह एक अनिवार्य डिवाइस है जो एक हाई-रेजोल्यूशन वीडियो कैमरा से कनेक्ट रहता है और एलसीडी मॉनिटर पर बड़ा करके मरीज के दांतों को दिखाता है, जिसे खुद मरीज भी देख सकता है।
इससे यह फायदा होगा कि आपके पास इलाज का लाइव रिकार्ड रहेगा। मरीज भी स्क्रीन पर देख सकेगा कि उसके दांतों के साथ क्या-क्या किया गया।
दांतों के बीच के गड्ढे, चीर या किसी भी तरह का फ्रैक्चर सिर्फ माइक्रोस्कोप से ही देखे जा सकते हैं। जब एक डेंटिस्ट के पास इसकी बेहतर तस्वीर होगी, तब वह मरीज को इसके बारे में ज्यादा बता पाएगा।
माइक्रोस्कोप की मदद से कनाल को पहचानने और मैनेज करने बहुत आसानी होती है। इससे इलाज सेफ भी हो जाता है।
डॉ. मेहता ने बताया कि ‘डेंटल ट्रीटमेंट की ही तरह इस तकनीक से मुंह की सभी सर्जरी की जा सकती है, क्योंकि ठीक उसी क्षेत्र में नजर रखना बेहद आसान हो जाता है
इससे मरीज को दर्द भी नहीं होता और नंगी आंखों से की गई सर्जरी के मुकाबले या जल्दी ठीक भी हो जाती है। खासकर जब सफाई करनी हो तो इससे ठीक उस छुपी हुई जगह पहुंचा जा सकता है।