चंडीगढ़। यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने शुक्रवार को किशनगढ़ में दो एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का नींव पत्थर रखा। इस प्लांट की सहायता से किशनगढ़ गांव से निकलने वाले सीवरेज वाटर को ट्रीट किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल लेक एरिया, गोल्फ कोर्स, आईटी पार्क एरिया की सिंचाई के लिए होगा।
प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अब सुखना लेक में पानी की कमी नहीं होगी, क्योंकि जरूरत पड़ने पर सुखना लेक को भरने के लिए भी इस पानी का इस्तेमाल होगा। इस मौके पर गृह सचिव व इंजीनियरिंग विभाग के सचिव अरुण कुमार गुप्ता, डीसी मनदीप बराड़, चीफ इंजीनियर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रोजेक्ट को 19.9 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश पर यह एसटीपी लगाया जा रहा है। इस प्लांट का पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक स्काडा सेंटर के साथ चलेगा, जिससे पानी की क्वालिटी को भी मॉनिटर किया जा सकेगा, जिसे बाद में इंजीनियरिंग विभाग और चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी की तरफ से भी चेक किया जाएगा। प्लांट का निर्माण कार्य 8 माह के अंदर पूरा किया जाएगा और एजेंसी 10 साल के लिए इसकी ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम देखेगी।