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Chandigarh News: अब एफएंडसीसी की दौड़ः भाजपा और गठबंधन के तीन-तीन पार्षदों ने भरा नामांकन, 11 को चुनाव

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चंडीगढ़। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के बाद अब फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफएंडसीसी) की दौड़ शुरू हो गई है। वीरवार को आम आदमी पार्टी-कांग्रेस और भाजपा ने कमेटी का सदस्य बनने के लिए नामांकन भर दिया है। दोनों के तीन-तीन पार्षदों ने नामांकन भरा है लेकिन कमेटी में पांच सदस्य ही होते हैं, इसलिए अब 11 मार्च को चुनाव होंगे।आम आदमी पार्टी से पार्षद जसविंदर कौर और रामचंदर यादव व कांग्रेस से पार्षद तरुणा मेहता ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर सह-प्रभारी आप चंडीगढ़ डॉ. एसएस अहलूवालिया और चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की, मेयर कुलदीप कुमार समेत आप और कांग्रेस के पार्षदों के अलावा दोनों पार्टियों के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। तीनों पार्षद जसविंदर कौर, रामचंदर यादव और तरुणा मेहता ने कहा कि एफएंडसीसी का सदस्य बनने के बाद वह चंडीगढ़ के हर वार्ड, गांव और कॉलोनी के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरे करेंगे। वहीं, निगम की एफएंडसीसी के लिए भाजपा ने भी वीरवार को नामांकन भर दिया। भाजपा पार्षद महेश इंदर सिंह संधू, जसमनप्रीत सिंह और लखबीर सिंह बिल्लू ने निगम सचिव शंभू राठी के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया। लखबीर सिंह ने हाल ही भाजपा ज्वाइन किया है। उसके बाद अब उन्होंने नामांकन दाखिल कर दिया है। इस अवसर पर पार्टी के दोनों महामंत्रियों के साथ भाजपा के अन्य पार्षद भी उपस्थित रहे।
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क्या है एफएंडसीसी, क्यों हैं जरूरी
फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफएंडसीसी) एक तरह का छोटा सदन है। एफएंडसीसी के पास 50 लाख रुपये तक की वित्तीय शक्ति है। 50 लाख रुपये से कम का कोई भी प्रोजेक्ट एफएंडसीसी में लाकर ही पास किया जा सकता है। सदन में लाने की जरूरत नहीं है। बैठक में आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, चीफ इंजीनियर व अन्य अधिकारी भी मौजूद होते हैं। सदन की तरह ही इस कमेटी की बैठक में भी एजेंडा पर चर्चा होती है।

छह ने भरा नामांकन, अब चुनाव होना तय
एफएंडसीसी में कुल पांच पार्षद सदस्य होते हैं। मेयर इसके अध्यक्ष होते हैं। अगर छह पार्षद कमेटी में शामिल होने के लिए नामांकन भर देते हैं तो चुनाव होता है। इस वर्ष भाजपा और कांग्रेस-आप गठबंधन ने तीन-तीन नामांकन भरे हैं इसलिए चुनाव होना तय है। एफएंडसीसी के चुनाव प्रेफरेंस के आधार पर होते हैं। इस तरह के चुनाव यूनिवर्सिटी में होते हैं, इसलिए इस चुनाव को संपन्न कराने के लिए भी यूनिवर्सिटी से चुनाव अधिकारी पहुंच सकते हैं। बता दें कि पार्षद तरुणा मेहता दो साल पहले भी एफएंडसीसी की सदस्य बनी थीं।
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प्रशासन की आपत्ति से फंस सकता है बजट, मेयर बोले- बजट रुका तो जाएंगे कोर्ट
बीते बुधवार को नगर निगम की बजट की बैठक पर प्रशासन ने आपत्ति जताई है। पूरे मामले को लेकर आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनकी तरफ से जवाब तैयार किया जा रहा है लेकिन चर्चा है कि प्रशासन ने अगर कड़ा रुख दिखाया तो बजट फंस सकता है। इस पर मेयर कुलदीप सिंह ने कहा कि अगर निगम का बजट रोकने की कोशिश की गई तो वह अदालत जाएंगे। कहा कि बजट पास करना बेहद जरूरी था। कर्मचारियों की सैलरी रुकी हुई थी। बैठक में कोई एजेंडा नहीं लाया गया। सिर्फ बजट पर ही चर्चा हुई है। डॉ. एसएस अहलूवालिया ने कहा कि चंडीगढ़ में इंडिया गठबंधन का मेयर बन गया है तो बीजेपी को यह बात हजम नहीं हो रही है। अब भाजपा अधिकारियों के जरिए चंडीगढ़ के विकास कार्यों में बाधा डाल रही है। बता दें कि बुधवार को सेक्रेटरी लोकल गवर्नमेंट की तरफ से निगम को एक पत्र भेजकर पूछा गया था कि नगर निगम में बैठक कैसे आयोजित हुई। इसके साथ लागू होने वाले रूल, एक्ट और लीगल पोजीशन की भी जानकारी मांगी है।
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