हरियाणा अधिवक्ता कल्याण कोष अधिनियम की वीरवार को पंचकूला से शुरुआत हुई।
इसके तहत छह महीने के अंदर ट्रस्टी कमेटी का मेंबर बनना होगा, जिससे उपचार के दौरान आर्थिक मदद मिलेगी और निधन होने या वकालत छोड़ने पर भी एकमुश्त मदद मिल सकेगी।
इस कल्याण कोष की मेंबरशिप शुरू करने के लिए पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल के चेयरमैन रणधीर सिंह बधरान पंचकूला बार काउंसिल पहुंचे और स्थानीय वकीलों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा अधिवासी प्रमाण पत्र प्राप्त हरियाणा व चंडीगढ़ में वकालत कर रहे 30 हजार वकीलों व उनके परिवारों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि बार काउंसिल आफ पंजाब व हरियाणा में होने वाली एनरोलमेंट से जो भी लाइसेंस फीस आएगी, उसका 20 प्रतिशत सीधे हरियाणा अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा होगा।
इन परिस्थितियों में मिलेगा लाभ
सदस्य बनने पर वकीलों या उनके पारिवारिक सदस्यों को तीन साल में एक बार बड़े अस्पताल में आपरेशन कराने के लिए दाखिल होने पर मेडिसिन खरीदने के लिए 50 हजार रुपये, हार्ट सर्जरी, आर्गेन ट्रांसप्लांटेशन, एंजियोप्लास्टी, टीबी, कैंसर व अधरंग जैसी बीमारी में आपरेशन आदि के एवज में एक लाख रुपये की मदद मुहैया कराई जा सकेगी।
वकील के निधन पर उनके परिजनों को भी नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी। बधरान ने बताया कि यदि कोई वकील किसी कारण से वकालत छोड़ते हैं या रिटायरमेंट लेते हैं तो उन्हें एक से साढ़े चार लाख रुपये तक की एकमुश्त मदद की जाएगी।
इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद भूषण महाजन, उपाध्यक्ष विक्रम पाल सिंह, महासचिव अश्वनी चौधरी सहित कई वकील मौजूद रहे।