अनुराधा बाली उर्फ फिजा की मौत के बाद सामने आए एक व्यक्ति ने अपने आप को फिजा का पति बताते हुए संपत्ति के लिए अदालत में केस दायर किया, जिसकी सुनवाई शनिवार को हुई। इस दौरान गमाडा के वकील अदालत में पेश हुए। अदालत ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को अगली सुनवाई पर संपत्ति के संबंध में जवाब देेने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।
गौरतलब है कि फिजा की मौत के चार साल बाद यूपी के फतेहपुर जिले के गांव पैगंबरपुरी निवासी इसरार अहमद खान ने दावा किया था कि फिजा उसकी पत्नी है। उनके पास इस संबंध में दस्तावेज भी हैं। इस आधार पर उसने जिला अदालत में केस दायर किया था। साथ ही मांग की थी कि फिजा की मौत के बाद जो प्रॉपर्टी उसकी बहनों में बांटी गई है उसमें उसको भी हिस्सा दिया जाए। इस केस में उसने फिजा की बहनों और गमाडा को पार्टी बनाया था।
उसका कहना था कि फिजा की बहनों ने अदालत को गुमराह कर प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया है। उसने अपनी याचिका में बताया था कि 2010 में यूपी में अनुराधा उर्फ फिजा के साथ उसका विवाह हुआ था। उसने फिजा का आधार कार्ड भी पेश किया था। इसमें फिजा के नाम के साथ खान लिखा हुआ था। उसने फिजा का वोटर कार्ड भी अदालत में पेश किया था। वहीं, पता चला है कि जल्द ही इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासन को भी नोटिस जारी किया जाएगा। क्योंकि वहां पर भी फिजा की संपत्ति है।
जिक्रयोग है कि कुछ वर्ष पहले फिजा का शव उसके घर में मिला था। शव पूरी तरह गल चुका था। इसके बाद फिजा के अंतिम संस्कार के बाद फिजा की प्रॉपर्टी अपने कब्जे में ली थी। उसके बैंक खातों से भी लाखों रुपये बरामद हुए थे। जिसे पुलिस ने खजाने में जमा करवा दिए थे। इसके बाद मामला अदालत में चला था। बाद में उसकी बहनों को यह संपत्ति दी गई थी। फिजा उस समय चर्चा में आई थी जब उसने हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन उर्फ चांद मोहम्मद से शादी कर ली थी। बाद में दोनों अलग हो गए थे।