पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी विभाग को शोध में बड़ी सफलता मिली है। शोधार्थी डॉ. दीक्षा सांख्यान ने दांतों की जांच के जरिए बच्चे से लेकर बड़े लोगों की आयु का पता लगाया है। उनके शोध के साथ ही चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल व हरियाणा क्षेत्र के लोगों का भी एक दांतों के जरिए जांच का डाटाबेस तैयार हो गया। कुछ ही देर में इस शोध के जरिए उम्र का पता लग जाएगा। मृत व्यक्ति की आयु भी इससे पता लग जाएगी। डॉ. दीक्षा की सफलता पर पीयू ने खुशी जताई है।
एंथ्रोपोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जेएस सहरावत के निर्देशन में डॉ. दीक्षा सांख्यान ने शोध किया। तीन साल तक चले इस शोध के दौरान उन्होंने चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के 720 लोगों के दांतों को वैज्ञानिक तरीके से तैयार मशीन से स्कैन किया। इसमें मृत लोगों के दांतों को भी लिया गया था।
बच्चों की उम्र का पता लगाने के लिए शोध में विलेम्स मैथर्ड व बड़े लोगों की आयु जांच के लिए पीसीटीएचआर फॉर्मूले को अपनाया। शोध के जरिए बताया गया कि यह दांत तीन साल से लेकर 50 साल तक के लोगों के हैं। साथ ही जिन लोगों के दांतों का स्कैन किया था उन्होंने भी अपनी आयु वही बताई, जो शोध में आई।
आयु का पता लगाने में फॉर्मूला अधिक कारगर
वैज्ञानिक अन्य तरीकों से भी लोगों की आयु का पता लगाते हैं, लेकिन यह फॉर्मूला अधिक कारगर माना जा रहा है। वास्तविक आयु के आसपास ही इसका आंकड़ा आता है। यह शोध पीयू की कमेटी ने स्वीकार कर लिया है और जर्नल में भी प्रकाशित हो गया है। इसका प्रभाव भी काफी रहा है।
आयु की जांच की कहां पड़ती है जरूरत
- अपराधी जब पकड़े जाते हैं तो वे अपने बचाव के लिए आयु कम बताते हैं। कोई अपने किशोर बताता है, क्योंकि किशोर होने से उसकी सजा कम होगी और वयस्क होने पर सजा अधिक होगी। ऐसे में इन लोगों की वास्तविक आयु का इस फॉर्मूले से आसानी से पता लग सकेगा।
- आयु प्रमाण पत्र में आयु का पता इसके जरिए लगाया जा सकता है।
- पेंशन आदि जब मिलती है तो उसमें भी कई बार उम्र की जांच होती है।
- नौकरी के लिए लगाए दस्तावेज से यदि संबंधित की आयु अधिक या कम मिलती है तो उसकी भी संदेह होने पर इस फॉर्मूले से जांच हो सकती है।
आतंकी अजमल कसाब ने खुद को किशोर बताकर चौंकाया था
26 नवंबर 2008 में मुंबई ताज हमले के दौरान पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब पर मुकदमा चलाया जा रहा था। उसी दौरान उसने यह कहकर सबको चौंका दिया कि वह किशोर है। उसके इस बयान के बाद चिकित्सकों की टीम ने कई फॉर्मूले से उसकी आयु का पता लगाया और उसे सजा मिली। ऐसे मामलों में दांतों की जांच के जरिए आयु का तुरंत ही पता लग जाता है।