कोरोना की जांच रिपोर्ट के लिए अब घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पीजीआई में अब महज 15 मिनट में इसकी रिपोर्ट मिल जाएगी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने पीजीआई को कोरोना की जांच के लिए रैपिड एंटीजन तकनीक के ट्रायल प्रोजेक्ट सौंपा है। इस ट्रायल का उद्देश्य लैब और रैपिड एंटीजन का तुलनात्मक अध्ययन करना है। इसके आधार पर यह पता चल पाएगा कि कौन सी तकनीक कोरोना टेस्ट में ज्यादा कारगर और तत्काल परिणाम देने वाली है।
पीजीआई डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने बताया कि पीजीआई में आने वाले संदिग्ध मरीजों का अब पहले रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट को तब तक गुप्त रखा जाएगा जब तक कि उसकी लैब रिपोर्ट नहीं आ जाती। दोनों रिपोर्ट के आने के बाद रैपिड एंटीजन और मैनुअल के नतीजों का विश्लेषण किया जाएगा। अगर रैपिड एंटीजन और मैनुअल टेस्ट के नतीजे एक समान आए तो रैपिड एंटीजन से ही टेस्ट किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में 100 मरीजों पर इस ट्रायल के अंतर्गत टेस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रो. जगतराम ने बताया कि रैपिड एंटीजन टेस्ट तकनीक से 15 मिनट में ही पता चल जाता है कि मरीज कोरोना पॉजिटिव है या निगेटिव। इसके बाद उसे लेकर आगे का निर्णय लिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए आईसीएमआर ने वहां भी रैपिड एंटीजन टेस्ट तकनीक से टेस्ट की सुविधा शुरू की थी। जिससे कम समय मे ज्यादा टेस्ट किया जा सके।