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Chandigarh News: अब बोनस के लिए पीजीआई कर्मचारियों ने की हड़ताल

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चंडीगढ़। पीजीआई में अनुबंध पर तैनात हॉस्पिटल अटेंडेंट, सुरक्षा कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, किचन स्टाफ व ऑफिस बियरर ने बकाया बोनस भुगतान को लेकर बुधवार को फिर हड़ताल शुरू कर दी है। लगभग तीन हजार कर्मचारी काम छोड़कर धरने पर बैठ गए हैं। इससे वार्ड के साथ इमरजेंसी और ट्रॉमा में स्थिति खराब होने लगी है। अनुबंध कर्मचारियों ने बुधवार सुबह 11:30 बजे से लेकर वीरवार सुबह 11:30 तक हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है। यह भी चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी न हुईं तो वह दिवाली के दिन काले झंडे लेकर पीजीआई निदेशक कार्यालय के सामने काली दिवाली मनाएंगे।
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एक साथ कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एक बार फिर पीजीआई में व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। दोपहर 11:30 बजे शुरू हुई हड़ताल के चलते ओपीडी में मरीजों को तो ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़ी लेकिन वार्ड, इमरजेंसी, ट्रॉमा और अन्य यूनिटों में कार्य प्रभावित हुआ। सफाई कर्मचारियों के साथ हॉस्पिटल अटेंडेंट, किचन स्टाफ और ऑफिस बियरर के काम पर न होने से परेशानी हुई। दोपहर बाद के शिफ्ट में सफाई के साथ किचन का काम नियमित कर्मचारियों के जिम्मे आ गया। इससे आधे से भी कम काम हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि पीजीआई प्रशासन लगातार उनका हक छीन रहा है, जबकि इसके लिए हर स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है।

एक के बाद एक हड़ताल हो रही

20 जनवरी 2024 को पीजीआई में अनुबंध पर तैनात चार हजार कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर धरना प्रदर्शन किया था।

चार अप्रैल कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी से नाराज पीजीआई के अनुबंध कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे।

7 अगस्त को पीजीआई के अनुबंध कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पुनः हड़ताल पर गए थे। इमें अस्पताल अटेंडेंट, सफाई कर्मचारी, रसोई कर्मी, कपड़े धोने वाले, टेक्नीशियन, सुरक्षाकर्मी शामिल थे।
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जून में भी अनुबंधकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिन की हड़ताल की थी। हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी मरीज को झेलनी पड़ी थी।

- 21 अगस्त को कोलकाता में महिला डॉक्टर की हत्या के विरोध में हड़ताल शुरू हुई थी। कई दिनों तक चली हड़ताल में लगभग एक लाख मरीजों का इलाज बाधित हुआ था।

- 10 से 17 अक्तूबर तक अनुबंध पर तैनात हॉस्पिटल अटेंडेंट सफाई कर्मचारी किचन स्टाफ और ऑफिस बियरर ने बकाया एरियर और बढ़े वेतन भुगतान को लेकर हड़ताल किया था। यह पीजीआई में अब तक की सबसे लंबी हड़ताल थी।
हाईकोर्ट का आदेश भी दरकिनार
पीजीआई में एक के बाद एक हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए बीते 9 अगस्त को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन और केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि हड़ताल न होने के आदेश का पालन हो व पीजीआई की दैनिक गतिविधियां किसी भी स्थिति में प्रभावित न होने दी जाएं। इसके साथ ही कर्मचारियों की मांग पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा था कि हम कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। कर्मचारी यूनियन की हड़ताल पर हाईकोर्ट रोक लगा चुका है। अब यह चंडीगढ़ प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आदेश का किसी भी प्रकार से उल्लंघन न हो और पीजीआई का दैनिक कार्य किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। पीजीआई में रोजाना हजारों लोग इलाज के लिए आते हैं और उन्हें इससे महरूम नहीं किया जा सकता।
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