जल्द चंडीगढ़ से लुधियाना की राह आसान होने वाली है। जहां अभी चंडीगढ़ से लुधियाना जाने में डेढ़ से दो घंटे लगते थे, वहीं अब चंडीगढ़-लुधियाना हाईवे बनने के बाद मात्र 45 मिनट में आप लुधियाना पहुंच पाएंगे। हाईवे को सिक्सलेन करने का काम शुरू कर दिया गया है। सड़क के रास्ते में आ रहे पेड़ों की कटाई की जा रही है।
पहले पड़ाव में खरड़ से लुधियाना जाने वाली सड़क के दोनों ओर खड़े पेड़ों की कटाई की जाएगी। इसके अलावा बिजली के खंभों को भी हटाया जाएगा। इस काम को अशोका कनसेशन लिमिटेड कंपनी कर रही है। कंपनी के अधिकारी मधुसूदन ने बताया कि पहले पड़ाव में पेड़ों की कटाई की जाएगी।
383.22 हेक्टेयर जमीन एक्वायर
सड़क को सिक्सलेन बनाने के लिए पंजाब सरकार पहले ही 383.22 हेक्टेयर जमीन एक्वायर कर चुकी है। 2070 करोड़ रुपये की लागत से खरड़ से लुधियाना तक 76 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। इसमें से 54 किलोमीटर का हिस्सा छह मार्ग और 22 किलोमीटर का हिस्सा फोरलेन होगा।
समराला के बाहर से आठ किलोमीटर बाईपास
लुधियाना के रास्ते में पड़ते समराला शहर से बाहर आठ किलोमीटर का बाईपास, कजौली के पास सतलुज नहर और मोरिंडा रेलवे लाइन बाईपास पर दो बड़े पुल, छह छोटे पुल, आठ फ्लाईओवर, छह अंडरपास, 9 मेजर जंक्शन, 253 माइनर जंक्शन और 46 किलोमीटर की सर्विस लेन बनाई जाएगी। 2006 में यह प्रोजेक्ट बना था।