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अब मुश्किल समय में पुलिस से पहले डोर बेल बनेगी मददगार

Thu, 19 Sep 2019 03:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमित शर्मा, मोहाली

सार

  • वैज्ञानिक डॉ. सम्राट घोष ने लोगों की सहायता के लिए एक नई डोर बेल तकनीक तैयार की है
  • उन्हें उम्मीद है कि यह खोज लोगों के लिए वरदान बनेगी
  • बेल बजते ही भक्तिमय हो जाएगा माहौल
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dr. ghose - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अब घरों में अकेली रहने वाली महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को मुश्किल समय में पुलिस से पहले डोर बेल मददगार बनेगी। वहीं बेल के बजते ही आपका पड़ोसी या विश्वासपात्र आपकी मदद के लिए हाजिर हो जाएगा जबकि आरोपी को इसकी भनक भी नहीं लगेगी। 

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जी हां, सुनने में यह थोड़ा हैरान करने वाला जरूर है लेकिन यह बिल्कुल सच है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च के वैज्ञानिक डॉ. सम्राट घोष ने लोगों की सहायता के लिए एक नई डोर बेल तकनीक तैयार की है। उनका दावा है कि इस तकनीक से जहां लोगों के अपने पड़ोसियों से संबंध भी मधुर होंगे वहीं कई अपराध होने से पहले भी रोके जा सकते हैं। 

डॉ. घोष ने बताया कि आजकल एकल परिवार का चलन बढ़ रहा है। ऐसे में माता-पिता एक शहर तो बच्चे दूसरे शहर में रहे हैं। इसी चीज का फायदा कुछ शरारती तत्व उठाते हैं। वहीं अक्सर यह भी चीज भी देखने में आती है कि सुरक्षा एजेंसियों के आपातकालीन नंबर पर कई बार संपर्क नहीं हो पाता है। 
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इन बातों को ध्यान में रखकर उन्होंने करीब आठ-नौ महीने मंथन करके निष्कर्ष निकाला कि कोई ऐसा तरीका निकाला जाए कि मुश्किल समय वहां पर रहने वाले लोग आपकी सहायता के लिए आ जाए जो आपके इलाके में मौजूद है या फिर जिन पर आप सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं। इसके बाद उन्होंने एक डोर बेल बनाना शुरू किया। उनकी डोर बेल 32 तरह की आवाजें निकलेंगी। इसका काम आखिरी चरण में है। उम्मीद है कि जल्दी ही यह लोगों तक पहुंचेगी।

उन्होंने बताया कि वह मैनेजमेंट गुरु पीटर ड्रकर से प्रभावित है। उन्होंने इस खोज को उनकी सोच से प्रभावित होकर तैयार किया है। इससे पहले भी वह मेक इन इंडिया मुहिम के तहत कई अविष्कार कर चुके हैं। उन्हें उम्मीद है कि यह खोज लोगों के लिए वरदान बनेगी।

मार्केट में 150 रुपये वाली बेल भी मददगार
डॉ. घोष ने बताया कि वह आधुनिक तकनीक से डोर बेल सिस्टम में कई चीजें शामिल करके जल्द लोगों तक पहुंचाएंगे। अभी बाजार में मौजूद 150 रुपये वाली रिमोट डोर बेल भी लोगों के लिए मददगार है। इस बेल को प्रयोग करना भी काफी आसान है। लोग मार्केट से रिमोट बेल खरीदकर अपने पड़ोसी को दें। इसके बाद जब भी आप मुश्किल में होंगे, तो आपके घंटी बजाते ही वह मदद के लिए पहुंच पाएगा। इसे हफ्ते में दो बार चार्ज करना पड़ेगा।

बेल बजते ही भक्तिमय हो जाएगा माहौल
डॉ. घोष ने बताया कि जो बेल वह बना रहे हैं। उसमें हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति की आवाज भी निकलेगी। इसके पीछे सोच यही है कि जब कोई आरोपी आए तो वह यह सोच ही न पाए कि यहां पर कुछ हुआ है।

संस्थान में कई लोग कर रहे हैं प्रयोग
डॉ. घोष ने बताया कि मार्केट से रिमोट डोर बेल खरीदकर प्रयोग करने का जो उन्होंने आइडिया दिया है, उसे संस्थान में काफी सराहा जा रहा है। इतना ही नहीं, संस्थान में तैनात स्टाफ और वैज्ञानिक इसे प्रयोग भी कर रहे हैं। 

रिमोट डोर बेल से बना दिया फायर अलार्म
डॉ. घोष ने बताया कि उन्होंने इस तकनीक का प्रयोग करके एक फायर अलार्म बना दिया है। उन्होंने इसे अग्नि गूंज का नाम दिया है। जहां भी आपको आग लगने की आशंका है। उस एरिया में इसे प्रयोग किया जा सकता है।

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