हरियाणा में आमजन के साथ अब मूक और बधिर भी डायल 112 पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए हरियाणा डायल 112 ने टीम ने तीन स्पेशल सीओ (साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट) नियुक्त किए हैं। ये विशेषज्ञ शिफ्ट वाइज 24 घंटे डायल 112 पर उपलब्ध रहेंगे। वीडियो कॉल और मैसेसिंग के माध्यम से ऐसे दिव्यांग अपने साथ हुए अपराध की जानकारी दे सकेंगे। हाल ही में एक मूकबधिर नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने भाषा सहायक की मदद से उसके साथ हुए घिनौने कृत्य की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र, पंचकूला में वीडियो कॉल और मैसेजिंग ऐप सुविधा से लैस मूक-बधिर लोगों के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। संकट के समय पर मूक और बधिर व्यक्ति या तो खुद डायल 112 पर संपर्क साध सकता है या फिर संबंधित क्षेत्र की पुलिस की मदद से अपनी बात कह सकता है।
डीजीपी पीके अग्रवाल ने कहा कि डायल 112 की यह अनूठी पहल है और इससे सुनने और बोलने में असमर्थ भी अपनी बात यहां रख सकेंगे। वहीं, डायल 112 के नोडल अधिकारी एडीजीपी एएस चावला ने कहा कि खासतौर पर यह सेवा मूक और बधिरों के लिए हैं, क्योंकि वो अपनी बात सामान्य लोगों की तरह नहीं कह सकते हैं। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। टीम का प्रयास है कि ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई हो और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
थाने पहुंची दुष्कर्म पीड़िता मूक बधिर, भाषा सहायक ने जानी दास्तां
हाल ही में मूक बधिर से संबधित एक मामला सामने आया है। राई पुलिस थाना से एक कॉल स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर पंचकूला में आई। एसएचओ ने बताया कि पुलिस नाबालिग लड़की से संवाद नहीं कर पा रही है जो बोल व सुन नहीं सकती। जैसे ही मामला संज्ञान में आया, हरियाणा 112 की टीम ने स्पेशल सीओ (साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट) की मदद से दुष्कर्म पीड़िता से उसकी सहपाठी (जो स्वयं भी मूक-बधिर) के माध्यम से सफलतापूर्वक संवाद स्थापित किया। इस प्रकार जघन्य अपराध का पर्दाफाश करने में भाषा सहायक ने अहम भूमिका निभाई है।