चंडीगढ़। पानी के बिल के साथ भारी भरकम कचरा शुल्क आने से परेशान लोगों की समस्या का समाधान अब घर बैठे ही हो जाएगा। समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने मुख्य सफाई निरीक्षक (सीएसआई) की ड्यूटी लगा दी है। वह लोगों के घर जाकर उनकी समस्या सुनेंगे और उसका निस्तारण करेंगे। यही नहीं मौके पर ही बिल के ऊपर सील लगाकर बिल का भुगतान भी कराएंगे। इसके लिए निगम ने सीएसआई की शक्तियां बढ़ा दी हैं। बता दें कि अमर उजाला ने चार जुलाई के अंक में ‘एक माह का कचरे का शुल्क 3750 रुपये भेजा’ शीर्षक से बिल में गड़बड़ी समस्या को प्रमुखता से उठाया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद नगर निगम के अधिकारी हरकत में आए और सीएसआई की ड्यूटी लगा दी।
निगम ने पिछले माह से पानी के बिल के साथ कचरे का शुल्क भी जोड़कर भेजना शुरू किया है। अचानक शुल्क ज्यादा आने से लोगों में असमंजस की स्थिति है। कुछ इलाकों में लोगों का कहना है कि उन्होंने रेहड़ी वाले को लगातार कचरे का शुल्क दिया है तो अब निगम को दोबारा शुल्क क्यों दें, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जब कचरा लेने वाली गाड़ी आई ही नहीं फिर कचरे का शुल्क क्यों लिया जा रहा है। इसके अलावा समस्या यह भी है कि गज और मरले के अनुसार, लोगों को शुल्क ज्यादा लग रहा है। इन समस्याओं के निस्तारण के लिए निगम ने कमेटी तो बना दी है। अब घर जाकर भी लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
घरों से ले लिया शुल्क, बिल में कम ही नहीं किया
नगर निगम ने जनवरी माह से सेक्टर 1 से लेकर 30 तक गाड़ियां चला दी थीं। मार्च से एमओएच ने अपने सीएसआई को घर भेजकर शुल्क भी लेना शुरू कर दिया। जब इन सेक्टरों में कचरे के बिल आए तो पता चला कि पुराना भुगतान किया गया शुल्क हटाया ही नहीं गया है। उस शुल्क को कम करने के लिए भी निगम ने अपने सीएसआई को निर्देश दे दिए हैं।
बुजुर्गों के लिए फोन कॉल सुविधा
शहर में कई बुजुर्ग ऐसे हैं, जो कोठी व घरों में अकेले रहते हैं। वह घर से नहीं निकल सकते, लेकिन कचरे के शुल्क को लेकर उनकी समस्याएं बहुत हैं। ऐसे लोग 0172-2773340 पर कॉल करके अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं। वहीं, कचरे से संबंधित सभी समस्याओं को भी यहीं निस्तारित किया जा सकता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें अभी शुल्क के बारे में समझ नहीं आ रहा है। हम लोगों की जागरूकता के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कुछ लोगों के बिल में समस्या आई है, उसे भी मौके पर सुधारकर भुगतान की व्यवस्था करने की व्यवस्था कर रहे हैं।
-डॉ. एपी सिंह, एमओएच