लॉकडाउन को 21 दिन बीत चुके हैं। शहर के मजदूर व अन्य कर्मचारी घर बैठे हैं। झुग्गियों में रहने वाले परिवार काफी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। यह स्थिति तब और भयावह हो जाती है, जब घर में कोई छोटा बच्चा हो। प्रशासन अब ऐसे छोटे बच्चों के लिए मुफ्त में दूध मुहैया की तैयारी कर रहा है।
झुग्गियों में रहने वाले परिजन प्रशासन की तरफ से मिलने वाले खाने से अपना पेट तो भर लेते हैं, लेकिन अगर किसी घर में एक साल से छोटा बच्चा है तो उसका पेट कैसे भरा जाए, परिजन यही सोचकर रह जाते हैं। काम के ठप होने की वजह से पैसे नहीं है। जो पैसे थे वह भी इन 21 दिनों में खत्म हो गए हैं। रोजाना दूध खरीदने के पैसे नहीं होने की वजह से यह समस्या पैदा हो गई है। कॉलोनी नंबर-4, संजय कालोनी, धनास और सेक्टर-25 की कच्ची कालोनी के कई घरों की यही स्थिति है।
नगर निगम के कमिश्नर केके यादव को इस समस्या से अवगत कराया गया, जिसके बाद उन्होंने शहर में पके खाने की जिम्मेदारी संभाल रहे तेजदीप सैनी को इस संबंध में कार्य करने के आदेश दिए हैं। केके यादव ने बताया कि यह वास्तव में एक समस्या है, प्रशासन किसी को भी भूखा नहीं सोने देगा। बच्चों के लिए कोशिश की जाएगी कि उन्हें वीरवार से दूध मुहैया कराया जाए।