नॉटिंघम सिटी काउंसिल की सात सदस्यीय टीम ने सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचकर अधिकारियों के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। यूटी गेस्ट हाउस में दिनभर चली इस बैठक में इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट एंड सेफ्टी, कम कार्बन उत्सर्जन करने वाली बसों और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर लंबी बातचीत हुई।
इन सब कामों के लिए दोनों के बीच एमओयू पहले ही साइन हो चुका है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे एडवाइजर विजय कुमार देव की मौजूदगी में अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी प्रस्ताव की प्रजेंटेशन नॉटिंघम टीम के समक्ष दी। नॉटिंघम सिटी को यूके की बिजली की राजधानी के रूप में जाना जाता है।
टीम ने प्रशासन को सॉलिड वेस्ट से बिजली पैदा करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से कम कार्बन उत्सर्जन वाली बसें चलाए जाने की बात भी कही। प्रशासन इन दिनों स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव अपग्रेड करने में जुटा है। इसलिए नॉटिंघम की टीम से प्रस्ताव पर राय ली गई।
प्रस्ताव को फाइनल करने में नॉटिंघम के एक्सपर्ट्स मदद देंगे। इसकेलिए दो महीने बाद नॉटिंघम काउंसिल की टीम विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ दोबारा चंडीगढ़ आएगी।
मई तक कुछ प्रोजेक्ट्स फाइनल होंगे जिन पर दोनों मिलकर काम करेंगे। रेटरो फिटिंग बेस्ड डेवलपमेंट का काम भी नॉटिंघम की मदद से होगा।